जिनेवा,08 मई। दुनिया के कई देशों में हंता वायरस से हड़कंप मच गया है। क्रूज एमवी होंडियस पर हंता वायरस की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ संदिग्ध मामलों में से पांच में संक्रमण की पुष्टि हुई।डब्ल्यूएचओ ने गुरुवार को यह जानकारी दी। डब्ल्यूएचओ में वैश्विक महामारी की तैयारी की निदेशक मारिया वैन केरखोव ने कहा कि और मामले सामने आने की संभावना है।
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उसने 12 देशों को सूचित किया है कि उनके नागरिक हंता वायरस प्रभावित क्रूज एमवी होंडियस से ब्रिटिश द्वीप सेंट हेलेना पर उतर चुके हैं। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने बताया कि जिन देशों के नागरिक जहाज से उतरे हैं उनमें कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, सेंट किट्स और नेविस, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तुर्किये, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। संबंधित देशों को सतर्क रहने और यात्रियों की स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित करने की जानकारी दे दी गई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को हंटावायरस के आठ संदिग्ध मामलों में से पांच की पुष्टि की है। हंटावायरस से 69 वर्षीय डच महिला, जिसमें वायरस होने की पुष्टि हुई थी, उनकी मौत हो गई है। उसके डच पति और एक जर्मन महिला भी मरने वालों में शामिल हैं।
क्रूज के हंता वायरस की चपेट में आने के बाद डब्ल्यूएचओ ने कहा कि यह कोविड नहीं बल्कि, गंभीर संक्रामक बीमारी है। डब्ल्यूएचओ की वैश्विक महामारी की निदेशक मारिया वैन केरखोव ने कहा कि यह अगला कोविड नहीं है, लेकिन यह एक गंभीर संक्रामक बीमारी है। हम इस वायरस को जानते हैं। यह कई वर्षों से मौजूद है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार क्रूज पर पहली मौत 11 अप्रैल को हुई थी। मरने वाला 70 साल का एक डच व्यक्ति था। लगभग दो हफ्ते बाद सेंट हेलेना में उसके शव को क्रूज से उतारा गया। उसकी 69 साल की पत्नी सेंट हेलेना से हवाई जहाज से दक्षिण अफ्रीका गई। वह हवाई अड्डे पर अचानक गिर पड़ी और 26 अप्रैल को अस्पताल में उनकी मौत हो गई। तीसरी यात्री एक जर्मन महिला थी। उनकी मौत 2 मई को हो गई।
भारत में वायरस को लेकर बड़ा खतरा या अलर्ट नहीं
फिलहाल भारत में हंता वायरस को लेकर कोई बड़ा खतरा या अलर्ट नहीं है। यहां इसके मामले बहुत कम पाए जाते हैं और कई बार इसकी पहचान भी मुश्किल हो जाती है, क्योंकि इसके लक्षण दूसरी सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं।
चूहों से इंसानों में फैलता है यह संक्रमण
हंता एक गंभीर और जानलेवा वायरस है, जो मुख्य रूप से चूहों से इंसानों में फैलता है। यह नया वायरस नहीं है। इसके लक्षण और गंभीरता इसे खतरनाक बनाते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार यह वायरस संक्रमित चूहों के पेशाब, लार या मल के संपर्क में आने से फैलता है। मल-मूत्र के सूखने पर उसके कण हवा में मिल जाते हैं और सांस के जरिए इंसान के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

