लखनऊ 05 जनवरी। नक्शा पास कराने या फिर भू-उपयोग को लेकर आने वाली बाधाएं दूर होने जा रही हैं। आवास विभाग द्वारा तैयार उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा आदर्श जोनिंग रेगुलेशंस में संशोधन के लिए पांच सदस्यीय समिति बना दी गई है। समिति देखेगी कि इसमें क्या समस्या आ रही है और इसे दूर करने के लिए नियमों में बदलाव की क्या जरूरत है।
समिति सात दिन में प्रमुख सचिव आवास पी. गुरु प्रसाद को अपनी रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर कैबिनेट से प्रस्ताव पास कराया जाएगा। शहरों में निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा आदर्श जोनिंग रेगुलेशेंस में व्यवस्था की गई है।
बता दें कि अभी तक शहरों में नक्शा पास कराने और भू-उपयोग बदलने के लिए, जैसे मामले स्थानीय विकास प्राधिकरण, नगर निगम एवं आदर्श जोनिंग रेगुलेशन के हिसाब से निर्णय लिया जाता था. जबकि पिछले वर्ष लागू बॉयलाज में कई खामियां थीं, जिस कारण जनता को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए आवास विभाग नियमों में संशोधन करेगा, ताकि जनता का काम जल्दी हो सके.
बॉयलाज संशोधन के लिए बनी समिति में लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अध्यक्ष रहेंगे. इसके अलावा इस समिति में ग्राम्य विकास, लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद के मुख्य नगर नियोजक, मुख्य वास्तुविद, निदेशक आवास विकास परिषद और निदेशक आवास बोर्ड सदस्य के रूप में रहेंगे. यह समिति बॉयलाज के साथ जोनिंग नियमों की समीक्षा करेगी और फिर संशोधित सुझाव देगी. जो नियम जनता के हितकर होंगे उन्हें लागू किया जाएगा.
ये बदलाव संभावित
समिति का मुख्य कार्य नियमों को जनता की सहूलियत के हिसाब से बनाना है. यह देखा जाएगा कि कैसे और सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं. इसमें नक्शा पास करते समय सड़क की चौड़ाई में छूट दी जा सकती है. इसके साथ ही भू-उपयोग में बदलाव भी संभव है.

