हापुड़ 03 जनवरी। थाना हाफिजपुर क्षेत्र में बन रही जिला कारागार में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जिसमें आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार करके चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया है। कंपनी के पार्टनर ने मामले की शिकायत एसपी से की। एसपी के आदेश के बाद पुलिस ने एक महिला समेत 12 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
जिला बरेली थाना प्रेमनगर के माधोबाडी निवासी संदीप झावर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह फर्म मैसर्स वैगमाइन इंटरप्राईजज में पार्टनर है। फर्म के द्वारा मैसर्स आरपीपी इन्फ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड कंपनी से सबलेट लेकर जनपद में जिला कारागार का निर्माण कार्य किया जा रहा हैं। दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला की साइट पर धोखाधड़ी की जा रही है। अपने पार्टनर जिला बरेली थाना कोतवाली के रामपुर बाग निवासी पंकज गोयल के साथ 3 नवंबर को जिला कारागार की निर्माणाधीन साइट पर पहुंचे। वहां पर आने वाले मैटेरियल की जांच की तो गड़बड़ी मिली। जांच में कमी पाए जाने पर वहां पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर पता चला कि रेता बजरी और गिट्टी की गाड़ियां साईट पर कम आ रही है और दस्तावेजों में एंट्री फर्जी कराया।
शिकायत के अनुसार, सप्लायर मैसर्स सनप्रीत सिंह (मालिक सनप्रीत सिंह), मैसर्स हरमिंदर सिंह कॉन्ट्रैक्टर (मालिक हरमिंदर सिंह), मैसर्स एमबी इंटरप्राइजेज (मालिक बबीता कौर) और ट्रांसपोर्टर डीके तेवतिया की मिलीभगत से यह कार्य किया गया। इसमें कंपनी के कर्मचारी अंकित सिंह, राजा, लोपेंद्र, राम सिंह, अभिषेक, ऋषि और गार्ड रामवीर व अमर सिंह भी शामिल थे। इन सभी ने मिलकर कंपनी के साथ लगभग चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
संदीप झावर ने बताया कि 13 सितंबर से 15 सितंबर तक की सीसीटीवी फुटेज मौजूद है। 3 नवंबर को प्रोजेक्ट मैनेजर रघुनाथ और डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर दिनेश को चेतावनी देकर 20 सितंबर से आगे की सीसीटीवी फुटेज मांगी गई थी। हालांकि, 4 नवंबर को जब कंपनी के कर्मचारी साइट पर पहुंचे, तो सीसीटीवी फुटेज का डीबीआर कमरे से गायब मिला।
आरोप है कि दस्तावेज मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

