लखनऊ 10 दिसंबर। लखनऊ से दिल्ली जा रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को मंगलवार देर रात शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर नाटकीय तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। वह लखनऊ सुपरफास्ट एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। जैसे ही ट्रेन जंक्शन पर रुकी, पहले से मौके पर तैनात लखनऊ क्राइम ब्रांच की टीम सीधे एसी कोच में पहुंची और उन्हें नीचे उतारकर हिरासत में ले लिया। पुलिस टीम उन्हें तुरंत देवरिया ले गई, जहां उन पर दर्ज भूमि आवंटन संबंधी मुकदमे में पूछताछ की जानी है।
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ क्राइम ब्रांच ने रात करीब 2 बजे शाहजहांपुर जंक्शन पर यह कार्रवाई की। पुलिसकर्मी सादी वर्दी में पहले से प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे। जैसे ही ट्रेन का एसी कोच खुला, टीम ने अमिताभ ठाकुर को बिना देरी सीधे हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें तुरंत सरकारी वाहन में बैठाकर देवरिया के लिए रवाना कर दिया गया, जहां भूमि आवंटन के पुराने मामले में उनसे सवाल-जवाब होंगे।
बता दें कि अमिताभ ठाकुर भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कानपुर के अधिवक्ता अखिलेश दुबे की संपत्तियों की गहन जांच कराने की मांग की थी। इसके लिए मंडलायुक्त और पुलिस कमिश्नर को पत्र भी लिखा था। उन्होंने मंडलायुक्त कार्यालय के एक कर्मचारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे।
पत्र के अनुसार उन्होंने साकेतनगर स्थित पार्क की जमीन पर कब्जाकर किशोरी वाटिका गेस्ट हाउस बनाने और अखिलेश दुबे के कार्यालय के आवंटन की जांच की मांग की थी। इसके अलावा अवैध तरीके से बृजकिशोरी दुबे स्कूल संचालित करने का भी आरोप लगाकर जांच कराने की मांग की। उन्होंने मंडलायुक्त कार्यालय के एक कर्मचारी पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से अधिवक्ता अखिलेश को सहयोग दिए जाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा था कि ऐसी सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा कराने के आरोप में जांच के बाद लोगों के उत्तरदायित्व का निर्धारण किया जाए। साथ ही आरोपियों से अवैध कब्जे या अवैध लाभ से कमाई गई संपत्ति की रिकवरी भी जरूरी है।
अमिताभ ठाकुर की पत्नी और सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने इस गिरफ्तारी पर कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि करीब तीन माह पहले लखनऊ पुलिस ने उनके और उनके पति के खिलाफ देवरिया में भूमि आवंटन से जुड़ी प्राथमिकी दर्ज की थी, जबकि जिस भूमि की बात की जा रही है, उसे उनका परिवार 25 वर्ष पहले ही छोड़ चुका था। नूतन के मुताबिक, दिल्ली जाने के दौरान अचानक शाहजहांपुर में ट्रेन से उतारकर पति को ले जाना बेहद संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी कोई स्पष्ट जानकारी देने को तैयार नहीं थे।
गिरफ्तारी के बाद काफी देर तक नूतन ठाकुर को अपने पति की स्थिति की कोई जानकारी नहीं मिल सकी, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर आशंका जताते हुए पोस्ट की। कुछ देर बाद लखनऊ पुलिस की ओर से उन्हें सूचना दी गई कि अमिताभ ठाकुर को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ के लिए देवरिया ले जाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई विधिक प्रक्रिया के तहत की गई है।

