मेरठ 12 जून (प्र)। हरिद्वार से लौटकर भैंसाली अड्डे पर खड़ी रोडवेज की बस में आग लग गई। चालक और परिचालक ने बस का शीशा तोड़कर बाहर कूदकर जान बचाई। आग इतनी भीषण थी कि आसपास खड़ी दो अन्य बसों को भी चपेट में ले लिया। हादसे में दो बसें पूरी तरह से जल गई है, जबकि तीसरी बस का भी काफी हिस्सा जलने से क्षतिग्रस्त हो गई। परिचालक ने बताया कि ईटीएम मशीन और नगदी से भरा बैग में आग की चपेट में आकर जल गया। आग लगने की वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही है।
बुधवार रात को भैंसाली डिपो की रोडवेज बस हरिद्वार से बस अड्डे पर पहुंची थी। बस को मोदीनगर निवासी चालक बबली चला रहे हैं, जबकि बागपत रोड निवासी अरुण कुमार परिचालक हैं। अड्डे के बाहर सवारी उतार कर बस को अंदर खड़ा कर दिया। बस के अंदर ही चालक और परिचालक दोनों सो गए। बताया जाता है कि रात करीब तीन बजे अचानक ही अरुण कुमार को गर्मी लगने से आंख खुली। जब तक बस आग की लपटों में घिरी हुई थी। अरुण ने तत्काल ही चालक बबली को उठाया।
दोनों ने बस का शीशा तोड़ा और बाहर कूद गए। टिकट काटने के लिए इस्तेमाल होने वाली ईटीएम मशीन और दिनभर यात्रियों से जुटाए किराए की रकम बैग में रखी हुई थी। बैग भी आग की चपेट में चलकर खाक हो गया। चंद मिनटों में ही आग की लपटें आसमान छूने लगी। उसके बाद आग ने पास में खड़ी अनुबंधित बस को भी चपेट में ले लिया। दोनों बसें आग की गोला बनी हुई थी। इसी बीच रोडवेज अन्य बसों को तत्काल ही बस अड्डे से बाहर निकाल कर सड़क पर खड़ा कर दिया। वहां पर चालक और परिचालकों की भीड़ जमा हो गई। सूचना के बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची, जब तक आग ने तीसरी बस को भी चपेट में ले लिया था। शार्ट सर्किट की वजह से बस में आग लगना माना जा रहा है।
देर रात हरिद्वार से भैंसाली अड्डे पर लौटी थी बस
रोडवेज बस बुधवार शाम साढ़े छह बजे ही भैंसाली अड्डे से हरिद्वार को रवाना हुई थी। रात दो बजे लौटी चालक-परिचालक उसमें ही सो गए। करीब एक घंटे बाद यह हादसा हो गया। दूसरी बस रोडवेज की अनुबंधित है जो सुभाष नगर के अमित चौधरी की बताई गई। यह बस मेरठ से आनंद विहार के लिए चलती है।
अड्डे से बसों को निकाल कर बाहर सड़क पर खड़ा किया
आग के बाद सभी बसों के चालक मौके पर दौड़े। तत्काल ही अड्डे पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। ज्यादातर चालकों ने बसों को अड्डे से बाहर निकाल सड़क पर खड़ा कर दिया गया था।

