लखनऊ, 26 मार्च (अम)। सीबीआई ने राजधानी स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (सीएसआईआर-आईआईटीआर) में तैनात रहे सेक्शन अफसर अविनाश तांबे और उसकी पत्नी प्रनाली तांबे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीबीआई ने इस मामले में पहले प्रारंभिक जांच दर्ज कर गोपनीय जांच की थी, जिसमें सेक्शन अफसर द्वारा अपनी वैध आय से 13.85 लाख रुपये अधिक व्यय करने के पुख्ता सुराग मिले थे। सीबीआई, लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच के निरीक्षक अखिलेश त्रिपाठी ने इस बाबत शिकायत की थी, जिसके बाद प्रारंभिक जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि आईआईटीआर के सेक्शन अफसर अविनाश तांबे बिक्री और खरीद से संबंधित कार्यों को देखते थे। उनकी संपत्तियों में 1 सितंबर 2022 से 30 अप्रैल 2023 के बीच अचानक इजाफा हुआ। उन्होंने अपने और अपनी पत्नी के नाम पर 25.84 लाख की संपत्तियां जुटाई, जबकि 2.56 लाख भरण-पोषण पर का खर्च किए।
जबकि इस अवधि में सभी वैध स्रोतों से उनकी कुल आय 7.69 लाख रुपये पाई गई। इस तरह उन्होंने उनके पास करीब 13.85 लाख रुपये की अघोषित संपत्तियां होने का खुलासा हुआ। इस मामले की जांच निरीक्षक विक्रांत तोमर को सौंपी गई है।
सीबीआई ने बीती 23 जुलाई 2024 को अविनाश तांबे के खिलाफ केस दर्ज किया था, जिसके बाद उनको निलंबित कर दिया गया था। सीबीआई ने अविनाश तांबे की आईआईटीआर में सामानों की आपूर्ति करने वाली फर्म आरएनए टेक्नोलॉजी, एनडी इंटरप्राइजेस, विजन डायग्नोस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और शिप्रा साइंटिफिक के संचालकों के साथ मिलीभगत कर ऊंचे दामों पर सामान खरीदने और कमीशन लेने का केस दर्ज किया था। जांच में अविनाश तांबे के व्हाट्सएप पर इससे जुड़े तमाम मैसेज भी मिले थे।
Trending
- मेरठ के पुराना 5 सिविल लाइंस में रिहायशी हाउस नं 268 की भूमि पर कथित कमर्शियल साम्राज्य !
- ‘बांके बिहारी मंदिर चढ़ावे पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख
- रालोद की पूर्व जिलाध्यक्ष सर्वेश पुंडीर कांग्रेस में शामिल
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्ष में हुई कैबिनेट की बैठक
- प्रशासनिक अधिकारियों ने किया शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों पर पैदल मार्च
- मानक पूरे किये बिना रेस्टोरेंट खोलने पर प्रदर्शन की चेतावनी
- मेरठ बार एसोसिएशन के सभागार में पूर्व अध्यक्ष और महामंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई
- 37 साल की देश सेवा के बाद भी भारतीय नागरिक होने का देना पड़ रहा प्रमाण

