लखनऊ, 22 मई (ता)। विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दो अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इनमें बलरामपुर के पूर्व खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अजय प्रताप सिंह और फिरोजाबाद में तैनात आबकारी निरीक्षक कौशल कुमार शामिल हैं। दोनों मामलों में शासन के निर्देश पर पहले गोपनीय जांच कराई गई थी। जांच में आय से अधिक संपत्ति मिलने के बाद एफआईआर की अनुमति दी गई।
मूल रूप से सुल्तानपुर निवासी एवं वर्तमान में लखनऊ के गोमतीनगर में रहने वाले अजय प्रताप सिंह बलरामपुर में हरैया के पूर्व बीडीओ रह चुके हैं। वर्तमान में लखीमपुर खीरी में उपायुक्त (स्वतः रोजगार) के पद पर तैनात हैं। जांच में पता चला कि उन्होंने वर्ष 1998 से 2022 के बीच वैध स्रोतों से करीब 1.92 करोड़ रुपये की आय अर्जित की, लेकिन खर्च और संपत्ति खरीद पर लगभग 2.69 करोड़ रुपये खर्च किए। विजिलेंस ने जब उनसे इस अंतर के बारे में जवाब मांगा तो वह संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
वहीं, फिरोजाबाद में तैनात आबकारी निरीक्षक कौशल कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। विजिलेंस जांच में सामने आया कि उनकी वैध आय करीब 1.60 करोड़ रुपये थी, जबकि खर्च और निवेश 1.91 करोड़ रुपये पाए गए। आय और खर्च में करीब 31 लाख रुपये का अंतर मिला। मूल रूप से फर्रुखाबाद के रहने वाले कौशल कुमार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर शासन ने एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दे दी।
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