गोरखपुर 10 दिसंबर। गोरखपुर के गुलरिहा इलाके से फर्जी आईएएस अधिकारी गौरव कुमार को मंगलवार की देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गौरव कुमार शादी, सरकारी नौकरी और ठेका दिलाने के नाम पर यूपी, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के लोगों के साथ करोड़ों की जालसाजी कर चुका है। वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बचता फिर रहा था। फर्जी आईएएस अधिकारी गौरव कुमार सीतामणि बिहार का रहने वाला है।
यह मामला तब सुर्खियों में आया, जब बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान 7 नवंबर को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मोकामा, बिहार के एक व्यापारी मुकुंद माधव को 99.9 लाख रुपए के साथ पकड़ा गया था। जांच में खुलासा हुआ कि यह वही रकम थी, जो व्यापारी ने फर्जी आईएएस को नौकरी दिलाने की कथित रिश्वत के रूप में दी थी। बाद में धनराशि वापस मिलने पर पूरा खेल सामने आया। फर्जी आईएएस के पकड़े जाने को लेकर आज पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती है।
99.9 लाख रुपए मिलने के बाद आरोपी फर्जी आईएएस अधिकारी गौरव कुमार की तलाश तेज हो गई। उधर, कुसम्ही निवासी एक युवक ने भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे जाने की शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए SP सिटी अभिनव त्यागी खुद जांच की निगरानी कर रहे थे।
रेलवे स्टेशन पर व्यापारी की गिरफ्तारी के बाद आरोपी फर्जी आईएएस अधिकारी गौरव कुमार पुलिस के हाथ लगने से पहले ही भाग गया। लखनऊ के आशियाना में नया ठिकाना बना लिया। पुलिस टीम उसकी तलाश में लखनऊ पहुंची, लेकिन वह वहां से भी निकल भागा।
इस बीच मंगलवार रात जब आरोपी फर्जी आईएएस अधिकारी गौरव कुमार अपने एक साथी से मिलने गोरखपुर आया तो मुखबिर की सूचना पर गुलरिहा पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कई जिलों में ठगी की रिपोर्ट दर्ज हैं। पूछताछ में और भी मामलों के खुलासे हो सकते हैं।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर 7 नवंबर को चेकिंग के दौरान GRP को एक यात्री के बैग से 99.9 लाख रुपए नकद मिले। इतनी बड़ी रकम देखकर पुलिस हैरान रह गई। पटना के व्यापारी मुकुंद माधव (35) के पास से पैसे मिले थे। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया था।
इसके बाद विभाग ने जांच शुरू की। पूरी रकम जब्त कर जब इस मामले की जांच की गई। तब फर्जी आईएएस गौरव कुमार का नाम सामने आया। गौरव कुमार ही पैसे बिहार भेजवा रहा था। इसके बाद से ही गौरव की तलाश चल रही थी।

