ललितपुर 12 दिसंबर। ललितपुर में एक IRS अधिकारी मेडिकल कॉलेज का फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट निकला। अमेरिका में बैठे अपने जीजा की डिग्री के आधार नौकरी कर रहा था। वह ओपीडी के साथ कार्डियोलॉजी विभाग में 3 साल से मरीजों का इलाज कर रहा था। डॉक्टर को हर महीने डेढ़ लाख रुपए सैलरी भी मिल रही थी। शिकायत करने वाली महिला डॉक्टर सोनाली सिंह आरोपी की बहन हैं । बहन ने आरोप लगाया कि भाई के पास जो MBBS और MD की डिग्रियां हैं, वह उनके पति की हैं। पति अमेरिका में एक बड़े अस्पताल में काम करते हैं। बहन ने अधिकारियों को कागज और सबूत भी दिए हैं।
दरअसल, यह पूरा मामला तब उजागर हुआ, जब उसकी अमेरिका में रहने वाली बहन डॉ सोनाली सिंह ने संपत्ति के विवाद के चलते एक लिखित शिकायती पत्र दिया. इसमें बताया गया कि मेरे पति डॉक्टर राजीव जैन की डिग्री पर डॉक्टर अभिनव गुप्ता ललितपुर मेडिकल कॉलेज में नौकरी कर रहा है.
बता दें कि महिला ने सबूत के तौर पर कुछ शिकायती पत्र के साथ साक्ष्य भी दिए हैं और फोटो मिलान के साथ दस्तावेजों के सत्यापन की मांग की है. हालांकि, आरोपी डॉक्टर को शिकायत की जानकारी होने पर उसने स्वयं नौकरी से इस्तीफा दे दिया है. आरोपी डॉक्टर के बारे में यह भी बताया गया कि वह रुड़की से आई टी आई की भी डिग्री किए हुए था.
वहीं मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर मयंक शुक्ला ने कहा कि यह डिप्लोमा धारी कार्डियोलॉजिस्ट के पद पर था और इसे सीसीयू के लिए रखा गया था एवं हेड ऑफ द डिपार्टमेंट के अंडर में काम करता था. रूटीन जांच वगैरा देखा करता था एवं उसे कोई सेंसिटिव मैटर नहीं दिया गया था, इस कारण कोई अहित नहीं हुआ.
वहीं इस मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि हमने तीन डॉक्टरों की टीम गठित की है, जो मामले की जांच कर रही है. इसके उपरांत एफआईआर की भी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले का खुलासा होने के बाद अब उसे समय की चयन समिति की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं. सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर फर्जी डिग्री की बुनियाद पर उसका चयन कैसे हो गया?

