Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • रूस में चार भारतीय छात्रों पर जानलेवा हमला, खून से ‘स्वास्तिक’ बनाकर छोड़ा मैसेज
    • मेडिकल स्टोरों पर लिवर की नकली दवा सप्लाई कर रहे 5 गिरफ्तार
    • अंडर-19 विश्वकप जीतने के लिए वैभव सूर्यवंशी और टीम को बधाई
    • डिजिटल ठगी में 25 हजार का मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा भी नहीं, रिजर्व बैंक के अफसर मुंह बंद करने की बजाय ठोस उपाय ढूंढे
    • पीएम मोदी के गुरुमंत्र को आत्मसात करें छात्र, अंकों के पीछे ना भागकर खुद को जीवन की कसौटी पर कसें अभिभावक
    • भारत का देसी एआई 22 भाषाओं में बोलेगा, इसी महीने आएगा टेक्स्ट वर्जन
    • करीना कपूर एलओसी कारगिल फिल्म के सीन को याद कर भावुक हुईं
    • प्रयागराज के IVF सेंटर पर सौदा, नाबालिग को शादीशुदा बताकर एग्स निकलवाने वाली 4 महिलाओं समेत 5 गिरफ्तार
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»डिजिटल अरेस्ट ठगी तो रोकी जानी चाहिए मगर मुआवजा सही नहीं
    देश

    डिजिटल अरेस्ट ठगी तो रोकी जानी चाहिए मगर मुआवजा सही नहीं

    adminBy adminDecember 17, 2025No Comments20 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    सरकार द्वारा डिजिटल अरेस्ट पीड़ितों की मदद करने और उन्हें इस प्रकार की ठगी से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ऐसा इस बारे में आए दिन पढ़ने को मिलने वाली खबरों से पता चलता है। यह भी सही है कि संचार के आधुनिक युग में तकनीकी अपनाकर इस प्रकार की धोखाधड़ी करने वाले निरंतर सक्रिय हो रहे हैं और बताते हैं कि देश के एक जिले में यह कार्य बहुत तेजी से चलता बताया जाता है। कुल मिलाकर देखें तो यह समस्या निरंतर विकराल होती जा रही है जिसे जनहित में रोका जाना सबसे जरूरी नजर आता है। क्योंकि कई तो अपनी जीवनभर की कमाई इन ठगों के हाथों गंवा देते हैं।
    लेकिन इस सबके बावजूद भी मैं सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई के फैसले या सुझाव पर तो कोई टिप्पणी नहीं कर रहा मगर लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार दिया गया है उसे ध्यान में रखते हुए यह जरूर कहना चाहता हूं कि डिजिटल अरेस्ट पीड़ितों को मुआवजा देने के बिंदु पर कोई विचार नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि एक तो वैसे ही अनेको प्रकार के दिए जाने वाले मुआवजे या अन्य कारणों से आम आदमी आर्थिक परेशानी महसूस कर रहा है। दूसरे अगर इस मामले में मुआवजे की सोच आगे बढ़ी तो ठगे जाने वाले भी लापरवाह हो सकते हैँ और ठगने वाले सक्रिय। इस व्यवस्था को रोकने के लिए सक्रियता की बात है तो इस स्तर पर वर्तमान में चल रही है। शायद भविष्य में अभी इससे ज्यादा और सक्रियता उनके लिए दिखा पाना संभव नहीं है। लोगों को ठगे जाने से रोका जाना भी जरूरी है मगर मुआवजा समय अनुकूल नहीं लगता क्येांकि अगर ऐसा हुआ तो और कई बिंदु निकलकर आएंगे जो इससे भी ज्यादा पीड़ितों के लिए मुआवजा सुनिश्चित कराने के लिए जोर दे सकते हैं।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    रूस में चार भारतीय छात्रों पर जानलेवा हमला, खून से ‘स्वास्तिक’ बनाकर छोड़ा मैसेज

    February 9, 2026

    मेडिकल स्टोरों पर लिवर की नकली दवा सप्लाई कर रहे 5 गिरफ्तार

    February 9, 2026

    अंडर-19 विश्वकप जीतने के लिए वैभव सूर्यवंशी और टीम को बधाई

    February 7, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.