बागपत 08 अप्रैल। राष्ट्र वंदना चौक पर एडीएम कोर्ट के आदेश पर किराए की एक दुकान खाली कराने पहुंचे तहसीलदार अमित कुमार सिंह व पुलिसकर्मी समेत कई लोगों पर किराएदार एडवोकेट ने डीजल उड़ेल दिया । उसने अपने ऊपर भी डीजल उड़ेल लिया। पुलिस व प्रशासन ने सख्ती करते दुकान में चल रहे ढाबे को खाली कराया और सील लगा दी। पुलिस एक युवक को थाने लाई है।
बागपत तहसीलदार अमित कुमार ने बताया कि एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीत उपाध्याय की कोर्ट ने पांच अप्रैल को शहनाज फातिमा बेगम निवासी बागपत की दुकान को किराएदार सोमनाथ निवासी इंदिरा गली कोर्ट रोड से खाली कराने का आदेश जारी किया था। सोमनाथ की मृत्यु हो चुकी है। मंगलवार शाम करीब चार बजे वह पुलिस टीम के साथ पहुंचे तो सोमनाथ के बेटे एडवोकेट उमेश कुमार व अन्य लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया।
उमेश ने उनके अलावा दारोगा मंजीत सिंह व शाकिर अली, हेड कांस्टेबल संदीप व अन्य लोगों पर डीजल उड़ेल दिया। उमेश ने अपने ऊपर भी डीजल डालते हुए आत्मदाह का प्रयास किया। इस कार्य में उसका अन्य लोगों ने भी सहयोग किया। पुलिस ने सख्ती करते हुए दुकान खाली कराई, प्रशासनिक टीम ने सील लगा दी। वहीं, व्यापारी नेता नंदलाल डोगरा व अन्य लोग दो-तीन दिन की मोहलत का अनुरोध करते रहे। कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार का कहना है कि एक युवक को कोतवाली लाया गया है। तहसीलदार ने बताया कि उमेश व उसकी पत्नी नैन्सी ने लिखित में माफीनामा दिया है और भविष्य में ऐसा नहीं करने की बात कही है।
59 साल से किराएदार, वगैर नोटिस कार्रवाई
उमेश का कहना है कि उनके पिता सोमनाथ वर्ष 1967-68 से इस दुकान के किराएदार हैं। सात फरवरी 1967 को बिजली कनेक्शन मिला था। वर्ष 2013 में दुकान का किराया 100 रुपये था, तब से दुकान मालिक किराया नहीं ले रहे हैं। वाद एडीएम की अदालत में चल रहा था। बगैर नोटिस जारी किए दुकान खाली कराने के लिए अधिकारी पहुंच गए। एकतरफा कार्रवाई की गई है।

