सहारनपुर, 26 फरवरी। बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे बनकर लगभग तैयार हो चुका है और जल्द ही मार्च में वाहनों के फर्राटा भरने का इंतजार खत्म होने वाला है। फिलहाल एक्सप्रेस-वे पर फिनिशिंग टच दिया जा रहा है।
लाइटिंग, पेंटिंग, साइन बोर्ड, डिवाइडर मार्किंग और सुरक्षा संबंधी उपकरणों की स्थापना का काम तेजी से चल रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, फिनिशिंग टच चल रहा है। जल्द ही एक्सप्रेस-वे ट्रायल के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि अभी से ही एक्सप्रेसवे पर वाहन दौड़ना शुरू हो गए हैं जिन्हें रोकने के लिए बागपत से लाखनौर वाले फेज में कुछ स्थानों पर अस्थाई ब्रेकर लगाने पड़े हैं।
जी हां, खेकड़ा के पास कटेरी, शामली के भाज्जू, थानाभवन के गांव ख्यावड़ी तथा सहारनपुर के बड़गांव और लाखनौर गांवों के पास कई जगह निर्माण/ फिनिशिंग कार्य आदि की वजह से अस्थाई ब्रेकर लगाकर वाहनों की आवाजाही पर फिलहाल रोक रखी गई है।
बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है, ताकि अनधिकृत रूप से दौड़ रहे वाहनों से किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। खास है कि एक्सप्रेस-वे का दिल्ली से बागपत का पहला फेज ट्रायल के लिए खोला जा चुका है। तीसरे फेज लाखनौर से गणेशपुर बिहारीगढ़ तथा चौथे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर पर भी पहले से ही वाहन दौड़ रहे हैं।
बता दें कि ग्रीनफील्ड हाईवे पर 12 किलोमीटर लंबी वाइल्ड लाइफ एलीवेटिड रोड शिवालिक व राजाजी नेशनल पार्क से गुजरेगी जो एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है। इसमें 6 एनिमल अंडरपास, 2 हाथी अंडरपास व मंकी लैडर आदि बने हैं।
एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरेंद्र सिंह का कहना है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे लगभग बनकर तैयार है। कोई दुर्घटना न हो और किसी तरह की बाधा न आएं, इसके लिये अस्थायी तौर पर ख्वावडी, भाजू, लाखनौर, बड़गांव आदि में बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोका है।

