पटना 06 जून। पटना के चर्चित कोचिंग विवाद और हवाई फायरिंग मामले में नया मोड़ आ गया है. पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश के बीच यह चर्चा तेज थी कि मशहूर शिक्षक फैजल खान उर्फ ‘खान सर’ कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं. लेकिन अब साफ हो गया है कि खान सर अदालत के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेंगे. कानून के शिकंजे और जेल जाने से बचने के लिए खान सर ने एक बड़ा कानूनी दांव खेलते हुए अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल कर दी है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, खान सर ने शनिवार को अनुराग वर्मा की कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत याचिका दायर की है. खास बात यह है कि इस याचिका में खान सर ने सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि अपने उन दोनों निजी सुरक्षा गार्डों (बॉडीगार्ड्स) के लिए भी एंटीसिपेटरी बेल की मांग की है, जिन पर भीड़ पर गोली चलाने का आरोप है. इस कानूनी कदम के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि जब तक अदालत से अग्रिम जमानत पर कोई फैसला नहीं आ जाता, तब तक खान सर पुलिस के सामने या कोर्ट में सरेंडर नहीं करने वाले हैं.
कानूनी जानकारों का मानना है कि खान सर और उनके वकीलों ने बेहद सोची-समझी रणनीति के तहत यह कदम उठाया है. चूंकि पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या के प्रयास (BNS की धारा 109) और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, ऐसे में सरेंडर करने पर उन्हें तुरंत राहत मिलने की गुंजाइश बहुत कम थी. जेल जाने के जोखिम को टालने के लिए ही उन्होंने कोर्ट से सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगाने और अग्रिम जमानत देने की गुहार लगाई है.
यह पूरा विवाद पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ कोचिंग संस्थान के बाहर हुए पथराव और उसके बाद हुई हवाई फायरिंग से जुड़ा है. पुलिस के मुताबिक, खान सर के दोनों गार्डों ने पूछताछ में कुबूल किया था कि उन्होंने खुद खान सर के कहने पर ही हवाई फायरिंग की थी. इस बयान के बाद से ही पटना पुलिस की तीन विशेष टीमें खान सर की गिरफ्तारी के लिए रात भर छापेमारी कर रही थीं और खान सर भूमिगत चल रहे थे. अब सबकी नजरें अनुराग वर्मा की कोर्ट पर टिकी हैं कि खान सर को राहत मिलती है या उनकी मुश्किलें और बढ़ती हैं.

