नई दिल्ली, 13 अगस्त (ता)। चीन और भारत के बीच व्यापारिक बाधाएं लगातार बढ़ रही हैं। चीन समय-समय पर अपनी हरकतों से भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता आया है। अब एक बार फिर चावल को लेकर चीन की बदमाशी सामने आई है। चीन ने भारतीय चावल निर्यातकों के रजिस्ट्रेशन को सस्पेंड कर दिया है, जिसके बाद अब चीन में भारतीय चावल के व्यापार पर प्रतिबंध लग गया है।
चीन ने कथित तौर पर भारतीय चावल में जेनेटिकली मॉडिफाइड ऑर्गेनिज्म पाए जाने की बात कहते हुए अब तक 7 भारतीय चावल एक्सपोर्टर्स का रजिस्ट्रेशन रद कर दिया है। इसमें से 3 निर्यातकों का रजिस्ट्रेशन साल की शुरुआत में ही रद किया था। जिसके बाद चावल निर्यातक अब चीन को चावल नहीं बेच सकेंगे। हालांकि चीन की ओर से की गई ये कार्रवाई का कोई पहला मामला नहीं है, चीन लगातार भारत के चावलों की खेपों को रिजेक्ट करता आया है, जबकि एपीइडीए की ओर से चीन को भेजे जाने वाले चावल को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं।
चीन ने भारत से चावल इंपोर्ट को प्रभावी रूप से रोकते हुए सात भारतीय चावल निर्यातकों के पंजीकरण रद कर दिए हैं। यह कार्रवाई चीन के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स द्वारा की गई है। इनमें से तीन निर्यातकों के लाइसेंस पहले ही इसी साल निलंबित किए जा चुके थे। प्रभावित कंपनियां छत्तीसगढ़, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में स्थित हैं। हालांकि, इस मुद्दे को लेकर भारत की ओर से चीन के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, चीन की इस कार्रवाई के पीछे तकनीकी कारणों से अधिक व्यापारिक हित हो सकते हैं। एक अधिकारी ने नाम न छापने करने की शर्त पर मीडिया को कहा कि चीन की इस साल की अपनी जरूरत के चावल का स्टॉक पहले मजबूत कर चुका है, इसलिए उसने भारतीय निर्यातकों के खिलाफ यह कदम उठाया है।
मई 2026 के अंत तक चीन कम से कम 70 भारतीय गैर-बासमती चावल की खेपों को जीएमओ का हवाला देकर खारिज कर चुका था। भारत सरकार ने भी आधिकारिक रूप से बीजिंग को सूचित किया है कि देश में कोई जीएमओ खाद्य फसल उगाई नहीं जाती, इसके बावजूद खेपों को रिजेक्ट और लाइसेंस रद करने की कार्रवाई जारी है।
चीन लगातार भारतीय चावलों पर जीएमओ का हवाला देते हुए चावल की खेपों को रिजेक्ट करता आया है, जिससे चावल निर्यातकों ने एपीइडीए से हस्तक्षेप की मांग उठाई थी। जून में ही एपीइडीए ने चावल के निर्यात को लिए नए नियम बनाए थे जिसमें चीन को चावल निर्यात करने से पहले निर्यात से पहले एपीइडीए द्वारा मान्यता प्राप्त लैब्स में चावल की जीएमओ जांच कराना जरूरी हो गया था। इसके साथ ही केवल वही निर्यातक, राइस मिलें या प्रोसेसिंग यूनिट्स चावल भेज सकते हैं जो चीन के कस्टम विभाग जीएसीसी में रजिस्टर्ड हों।
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