नई दिल्ली, 06 जुलाई (ता)। केंद्र सरकार ने इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से संबंधित सामग्री से जुड़े कथित पेड विज्ञापनों को गंभीरता से लेते हुए मेटा को सख्त नोटिस जारी किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनी को निर्देश दिया है कि ऐसे सभी विज्ञापन और कंटेंट तुरंत हटाए जाएं, जो इस तरह की अवैध सामग्री को बढ़ावा देते हों या उसकी पहुंच आसान बनाते हों। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने इस मामले में मेटा से सात दिनों के भीतर विस्तृत जवाब देने को कहा है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय केवल इस घटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मेटा की कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली की भी समीक्षा कर सकता है। इसके तहत कंपनी से यह जानकारी मांगी जा सकती है कि वह प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों की जांच कैसे करती है और अवैध या हानिकारक सामग्री की पहचान कर उसे हटाने के लिए कौन-सी तकनीकी और मानवीय प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं। इसके अलावा मंत्रालय यह भी जानना चाहता है कि भविष्य में इस प्रकार की सामग्री को रोकने के लिए कंपनी क्या अतिरिक्त कदम उठाने जा रही है।
इससे पहले भी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा से सवाल किया था कि इंस्टाग्राम पर इस तरह के विज्ञापन प्रसारित कैसे हुए। सरकार ने कंपनी से यह भी पूछा था कि ऐसे विज्ञापनों की पहचान करने और उन्हें समय रहते हटाने के लिए प्लेटफॉर्म पर कौन-सी व्यवस्था लागू है। मंत्रालय ने विशेष रूप से यह जानकारी भी मांगी थी कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को रोकने के लिए मेटा ने अब तक कौन-कौन से ठोस कदम उठाए हैं। खबर लिखे जाने तक इस पूरे मामले पर मेटा की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया था।
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