ओटावा, 27 फरवरी (हि)। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे से पहले कनाडा ने अपने रुख में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कहा है कि भारत उसकी सरजमीन पर हिंसक अपराधों में शामिल नहीं है। भारत इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है। कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के भारत पर खालिस्तान समर्थक चरमपंथी की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आ गया था।
एक खबर के अनुसार, एक वरिष्ठ कनाडाई अधिकारी ने गत दिवस मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कनाडा सरकार को विश्वास है कि अब इस तरह की घटनाएं नहीं हो रहीं। रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से कहा गया कि हमारे बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के स्तर पर भी मजबूत कूटनीतिक संवाद जारी है और हम यह कह सकते हैं कि ऐसी गतिविधियां अब जारी नहीं हैं।
बता दें कि दोनों देशों के संबंध जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद बिगड़ गए थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंटों के शामिल होने के विश्वसनीय प्रमाण हैं। भारत ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया था। इस विवाद के चलते अक्तूबर 2024 में दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित किया और लंबे समय तक कूटनीतिक गतिरोध बना रहा।
कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायुक्तों को काम पर लौटा दिया। करीब दो सालों तक तनाव के बाद मार्क कार्नी की सरकार रिश्तों को ठीक करने की कोशिश कर रही है।
नई दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी दो मार्च तक भारत की यात्रा पर आ रहे। प्रधानमंत्री कार्नी की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय ने गत दिवस एक बयान जारी कर यह जानकारी दी है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। कार्नी आज मुंबई पहुंचेंगे। अगले दो दिनों के दौरान वे विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। भारतीय-कनाडाई सीईओ, उद्योग और वित्तीय विशेषज्ञों, नवप्रवर्तकों, शिक्षाविदों के साथ ही भारत में स्थित कनाडाई पेंशन कोषों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करेंगे।
Trending
- इसकी पहचान बनाए रखने हेतु दूरसंचार विभाग दे ध्यान! 11 अप्रैल 1931 को पहली बार सुना था खेल का आंखो देखा हाल, 105 साल बाद आज भी कायम है रेडियो की बादशाहत
- मृतकों के साथ परिजनों के रहने की घटनाएं समाज के लिए हैं घातक, आसपड़ोस के लोग शुरु करे जानकारी रखना और मृतका के पिता की कराई जाए मानसिक जांच
- एसआईआर प्रकिया ना बिगाड़ दे समीकरण, बड़ी संख्या में वोट कटना है उम्मीदवारों के लिए चिंता का विषय
- पटना में खाली होने लगा सीएम नीतीश का आवास, 1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रोड बंगला में शिफ्ट हो रहा सामान
- इंस्टाग्राम पर अब किशोरों को नहीं दिखेंगे बड़ों के कंटेंट, लागू हुए सख्त नियम
- बेंगलुरु-मुंबई रूट पर चलेगी वंदे भारत स्लीपर
- नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को मिलेगी टैक्स में भारी छूट
- क्यों बन जाती है बिल्डिंग की लिफ्ट नो-सिग्नल जोन? वजह जानें

