लखनऊ 17 फरवरी। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से एक बार फिर महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. इन बदलावों के तहत कई प्रमुख नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश के प्रमुख मंडलों से लेकर अन्य राज्यों तक के प्रभार शामिल हैं.
इस बदलाव के बाद भतीजे आकाश आनंद के ससुर एवं पूर्व राज्य सभा सांसद अशोक सिद्धार्थ का कद बढ़ाया है। अब उनके पास राजधानी दिल्ली सहित गुजरात, छत्तीसगढ़ और केरल की जिम्मेदारी सौंपी है।
वहीं, पार्टी में कभी ताकतवर मुस्लिम चेहरा रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सपा में शामिल होने के बाद मायावती ने पार्टी के मुस्लिम चेहरे नौशाद अली का कद बढ़ाया है। अब उन्हें यूपी के चार मंडलों कानपुर, लखनऊ, आगरा व मेरठ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बसपा प्रमुख के इस फेरबदल के बाद रामजी गौतम के पर कतरे गए हैं। पहले वह नंबर एक पर होते थे। अब ये ओहदा अशोक सिद्धार्थ को सौंपी गई है। रामजी गौतम से दिल्ली, मध्यप्रदेश, झारखंड और बिहार की जिम्मेदारी वापस लेते हुए उन्हें महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश व तमिलनाडु राज्य का प्रभार सौंपा है। इसी तरह राजाराम के पास पहले सिर्फ महाराष्ट्र था। अब उन्हें मध्यप्रदेश, बिहार व झारखंड राज्य का प्रभारी बनाया गया है। पूर्व सांसद गिरीश चंद्र को उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया है। सुमरत सिंह को राजस्थान का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
बसपा प्रमुख मायावती ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के 18 मंडल प्रभारियों की जिम्मेदारी भी बदली है। नौशाद अली को पार्टी ने मुस्लिम चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाया है। उन्हें चार मंडलों की जिम्मेदारी देना इसका संकेत माना जा रहा है।
नौशाद अली को जो चार मंडल मिले हैं, वो राजनीतिक रूप से बसपा में काफी अहम माना जाता है। मायावती का यह कदम संगठन में नई ऊर्जा लाने और विभिन्न क्षेत्रों में प्रभाव बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों में पार्टी की स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से संगठन में ये बदलाव किया है। यह बदलाव पार्टी को जमीनी स्तर पर पुनर्गठित करने और अनुभवी नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

