कुछ माह पूर्व केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोक अपने क्षेत्र में जलजीवन मिशन पूरा ना होने और की गई खुदाई के बाद सही ना कराने की ओर ध्यान दिलाने वाले महोबा जिले के चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने अवगत कराया था। तब केंद्रीय मंत्री द्वारा आदेश दिए गए थे कि एक माह में सभी समस्याएं दूर की जाएं। लेकिन ३० जनवरी से लगभग डेढ़ माह बीतने के बाद भी जलजीवन मिशन से संचालित १.१०० करोड़ की पांच पेयजल परियोजनाओं में अभी भी तमाम खामियां होने से विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा बीते शनिवार को यूपी के सीएम योगी को पत्र लिखकर बताया गया कि बुंदेलखंड में जलजीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुंचाने में लापरवाही की जा रही है। ब्रजभूषण ने सीएम से परियोजनाओं की जांच एसआईटी से कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि करोड़ों की लागत से संचालित पेयजल योजनाओं को जो अधिकारी पूरा बता रहे हैं लेकिन अधिकतर गांवों में पानी ना पहुंचने और सड़कें दुरुस्त न किए जाने से केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर भी सही काम नहीं हो पा रहा है। विधायक के पत्र पर क्या कार्रवाई होती है और कौन दोषी सजा पाएगा यह तो समय बताएगा लेकिन पत्र से यह स्पष्ट हो रहा है कि किस तरह से पानी के लिए पहले से ही परेशान रहने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में सरकार पैसा तो खर्च हो रहा है लेकिन काम किस प्रकार का कर रहे हैं अफसर। ऐसा सिर्फ महोबा में ही हो रहा है यह तो नहीं कह सकते क्योंकि जो खबरें पढ़ने सुनने को मिलती है उनसे पता चलता है कि तमाम योजनाओं में कोताही हो रही है। इसका खुलासा मुख्यमंत्री द्वारा कराई गई अनेक कार्यों की जांच में भी खुलकर आया है क्योंकि भ्रष्टाचार के अनेक किस्से मीडिया में खूब मिल रहे हैँ। देखना यह है कि विधायक बृजभूषण राजपूत के प्रयासों का कितना लाभ सरकार उठाती है और आम नागरिकों को कितनी सुविधाएं उससे उपलब्ध होंगी।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- इसकी पहचान बनाए रखने हेतु दूरसंचार विभाग दे ध्यान! 11 अप्रैल 1931 को पहली बार सुना था खेल का आंखो देखा हाल, 105 साल बाद आज भी कायम है रेडियो की बादशाहत
- मृतकों के साथ परिजनों के रहने की घटनाएं समाज के लिए हैं घातक, आसपड़ोस के लोग शुरु करे जानकारी रखना और मृतका के पिता की कराई जाए मानसिक जांच
- एसआईआर प्रकिया ना बिगाड़ दे समीकरण, बड़ी संख्या में वोट कटना है उम्मीदवारों के लिए चिंता का विषय
- पटना में खाली होने लगा सीएम नीतीश का आवास, 1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रोड बंगला में शिफ्ट हो रहा सामान
- इंस्टाग्राम पर अब किशोरों को नहीं दिखेंगे बड़ों के कंटेंट, लागू हुए सख्त नियम
- बेंगलुरु-मुंबई रूट पर चलेगी वंदे भारत स्लीपर
- नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को मिलेगी टैक्स में भारी छूट
- क्यों बन जाती है बिल्डिंग की लिफ्ट नो-सिग्नल जोन? वजह जानें
