रामपुर, 23 जनवरी। सपा महासचिव मोहम्मद आजम खां ने ड्रीम प्रोजेक्ट श्मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के आधिकारिक पदों से खुद को अलग कर लिया है। आजम खां के साथ पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और पूर्व विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम ने भी इस्तीफा दे दिया है। परिवार के इस सामूहिक इस्तीफे के बाद ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी गठित की गई है, जिसमें आजम की बहन निकहत अफलाक को अध्यक्ष, उनके बड़े बेटे मोहम्मद अदीब को सचिव बनाया गया है। ट्रस्ट जौहर यूनिवर्सिटी और रामपुर पब्लिक स्कूलों का संचालन करती है। आजम खां और जौहर ट्रस्ट पर कसते कानूनी शिकंजे के बाद आजम खां ने बेटे अब्दुल्ला और पत्नी डा. तजीन फात्मा के साथ खुद को जौहर ट्रस्ट से अलग कर लिया है।
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. एस.एन. सलाम ने बदलाव की पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय ट्रस्ट की निरंतरता और कार्यप्रणाली को बनाए रखने के लिए लिया गया है।
जौहर ट्रस्ट को आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता रहा है। वर्षों की कवायद के बाद स्थापित इस ट्रस्ट के माध्यम से जौहर यूनिवर्सिटी और रामपुर पब्लिक स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। पहले आजम खां ट्रस्ट के अध्यक्ष, उनकी पत्नी सचिव और दोनों बेटे सदस्य थे। नई व्यवस्था में यह पूरी संरचना बदल गई है।
आजम खां और उनके परिवार पर विभिन्न मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी है। डबल पैन कार्ड केस में आजम और अब्दुल्ला वर्तमान में रामपुर जेल में बंद हैं। ट्रस्ट से जुड़े मामलों में भी जांच चल रही है, जिनमें किसानों की जमीन कब्जाने और अन्य आरोपों से जुड़े 30 से अधिक मामले बताए जाते हैं। प्रशासन ट्रस्ट की संपत्तियों और लीज को लेकर कार्रवाई की प्रक्रिया में है।
सूत्रों के अनुसार, जेल में रहने के कारण ट्रस्ट के संचालन में बाधाएं आ रही थीं। ऐसे में परिवार ने स्वयं को ट्रस्ट की जिम्मेदारियों से अलग कर नई कार्यकारिणी को जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया।
बता दें कि जौहर विश्वविद्यालय और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की स्थापना मुलायम सिंह यादव, आजम खान, अमर सिंह, जयाप्रदा जैसे दिग्गजों ने मिलकर की थी। ट्रस्ट को 28 मई 2013 को एनसीएमईआई ने ग्रांट किया था. आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर ट्रस्ट यूनिवर्सिटी के साथ-साथ रामपुर पब्लिक स्कूलों का मैनेजमेंट और संचालन भी करता है।
लेकिन आजम खान को अपने खिलाफ चल रहे कानूनी केसों के कारण ट्रस्ट के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा है और किसी न किसी केस में आरोपी अन्य सदस्यों को भी ट्रस्ट से अलग करना पड़ा है। आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला डबल पैन कार्ड केस में रामपुर जेल में बंद हैं. ट्रस्ट पर भी किसानों की जमीन कब्जाने का केस चल रहा है।
जौहर ट्रस्ट पर इस समय करीब 30 केस चल रहे हैं, लेकिन आजम खान के रहते ट्रस्ट के कामकाज में समस्या आ रही थी, इसलिए आजम खान को ट्रस्ट से अलग होना पड़ा। मई 2017 में अखिलेश यादव सरकार के सत्ता से बाहर होने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद जौहर ट्रस्ट और आजम खान की मुश्किलें बढ़ गई थीं। हालात इतने बिगड़े कि रामपुर में आजम खान पर करीब 90 मामलों में केस दर्ज हुए, जिनमें से 30 केस अकेले जौहर यूनिवसिर्टी से जुड़े मामलों में दर्ज हैं। मामले यूनिवर्सिटी के लिए खरीदी गई 1500 बीघा जमीन को लेकर हैं, जिनकी जांच पिछले 5 साल से चल रही है और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के कारण यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट भी परेशान हो रहे हैं।
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