लखनऊ 02 जनवरी। उत्तर प्रदेश सरकार ने नए साल के पहले दिन गुरुवार की रात 21 आईएएस अफसरों की तैनाती में बदलाव किया है। सचिव से प्रमुख सचिव बनने वाले दो और विशेष सचिव से सचिव बने कुछ अफसरों को भी तैनाती दी गई है। सचिव से प्रमुख सचिव बनने वाली अपर्णा यू को सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा से प्रमुख सचिव राजस्व बनाया गया है। निदेशक समाज कल्याण कुमार प्रशांत को सचिव गृह बनाया गया है। राजस्व परिषद में सदस्य न्यायिक के पद पर तैनात एसवीएस रंगा राव को प्रमुख सचिव उप्र पुनर्गठन समन्वय, राष्ट्रीय एकीकरण व सामान्य प्रशासन बनाया गया है। विशेष सचिव निर्वाचन एवं अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी अखंड प्रताप सिंह को सचिव निर्वाचन के साथ अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है।
निबंधन विभाग में प्रभारी महानिरीक्षक नेहा शर्मा को महानिरीक्षक व स्कूल शिक्षा में प्रभारी महानिदेशक मोनिका रानी को अब महानिदेशक बना दिया गया है। योगेश कुमार प्रभारी आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता को उन्हीं के विभाग में पदोन्नति दे दी गई है। डा. सारिका मोहन सचिव वित्त से सचिव व महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा, नवीन कुमार जीएस सचिव सिंचाई से राजस्व परिषद में सदस्य न्यायिक एवं निदेशक (भूमि अध्याप्ति) बनाए गए हैं।
भवानी सिंह खंगारौत को विशेष सचिव राजस्व से सचिव वित्त, अरुण प्रकाश विशेष सचिव नगर विकास से विशेष सचिव राजस्व, रवीन्द्र कुमार-प्रथम विशेष सचिव कृषि से सचिव नगर विकास, दिव्य प्रकाश गिरि विशेष सचिव नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति से सचिव पीडब्लूडी, कृष्ण कुमार विशेष सचिव सिंचाई से सचिव सिंचाई बनाए गए हैं। सुधा वर्मा विशेष सचिव महिला कल्याण से सचिव राजस्व, रेणु तिवारी सचिव उप्र अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग से विशेष सचिव महिला कल्याण एवं राज्य महिला आयोग में सचिव बनाई गई हैं।
राजेन्द्र सिंह-द्वितीय विशेष सचिव समाज कल्याण को वर्तमान पद के साथ उप्र अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग में सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। संजीव सिंह विशेष सचिव वित्त से निदेशक समाज कल्याण व प्रबंध निदेशक यूपीसिडको, डा. वंदना वर्मा निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण से निदेशक महिला कल्याण तथा प्रबंध निदेशक महिला कल्याण निगम बनाया गया है।
उमेश प्रताप सिंह विशेष सचिव पिछड़ा वर्ग को वर्तमान पद के साथ निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण व प्रबंध निदेशक पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार व संदीप कौर निदेशक महिला कल्याण को सचिव वित्त बनाया गया है।
कौन हैं अपर्णा यू?
अपर्णा यू यूपी कैडर की 2001 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। पिछले दिनों वह लगातार सुर्खियों में रही थीं। आंध्र प्रदेश में करीब 3000 करोड़ रुपये के बहुचर्चित स्किल डेवलपमेंट घोटाले में उनका नाम आया था। मामले में उन्हें अग्रिम जमानत मिली। इस मामले में उनके पति जीबीएस भाष्कर को नोएडा से गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें भी कोर्ट से जमानत मिल गई। जांच एजेंसियां घोटाले को लेकर अपर्णा यू से पूछताछ कर चुकी हैं।
बताया जा रहा है कि अपर्णा यू के आंध्र प्रदेश में इंटर कैडर डेप्युटेशन पर तैनाती के दौरान यह घोटाला हुआ था। आरोप है कि अपर्णा यू की आंध्र प्रदेश में तैनाती के दौरान उनके पति जीबीएस भाष्कर को करीब 3300 करोड़ रुपये का ठेका दिलवाया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में अपर्णा यू की भूमिका संदिग्ध रही। उन पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगे।
अपर्णा के पति जीबीएस भाष्कर उस समय नोएडा स्थित सीमेंस कंपनी में कार्यरत थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंध्र प्रदेश की कौशल विकास परियोजना के तहत सीमेंस इंडस्ट्री सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड से मात्र 58 करोड़ रुपये में सॉफ्टवेयर खरीदा जाना था, लेकिन दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर इसकी कीमत बढ़ाकर 3300 करोड़ रुपये तक दिखा दी गई।
आरोप है कि तत्कालीन आंध्र प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट की 10 फीसदी राशि, यानी करीब 371 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया था। इस घोटाले में कई नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका होने का भी दावा किया जा रहा है।

