मुंबई, 26 फरवरी। प्रवर्तन निदेशालय ने कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। गत दिवस आधिकारिक सूत्रों के अनुसार केंद्रीय जांच एजेंसी ने मुंबई के पॉश इलाके में स्थित उनके आलीशान घर एबोड को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई वित्तीय जांच एजेंसियों के कड़े रुख को दर्शाती है और कॉर्पाेरेट जगत के लिए एक बड़ा घटनाक्रम है।
प्रवर्तन निदेशालय ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के मुंबई स्थित बंगले ‘एबोड’ को अटैच यानी जब्त कर लिया है। इसकी कीमत करीब 3,716 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून के तहत की गई है। मामला उनकी ग्रुप कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा किए गए कथित बैंक फ्रॉड से जुड़ा है। अनिल अंबानी पर 40 हजार करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में जांच चल रही है। अनिल अंबानी का यह बंगला मुंबई के सबसे पॉश इलाके पाली हिल में स्थित है। 66 मीटर ऊंचे इस बंगले में कुल 17 फ्लोर हैं। यह देश के सबसे महंगे रिहायशी घरों में गिना जाता है। ईडी ने इस संपत्ति को कुर्क करने के लिए एक प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया है। बैंक धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से चल रही जांच के बाद केंद्रीय एजेंसी ने यह बड़ा कदम उठाया है।
यह जब्ती धन शोधन निवारण अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत एक अनंतिम आदेश जारी करके की गई है। ईडी द्वारा कुर्क की गई यह बहुमंजिला संपत्ति मुंबई के प्रतिष्ठित पाली हिल इलाके में स्थित है। ‘एबोड’ नामक यह बेहद आलीशान घर 66 मीटर ऊंचा है और इसमें 17 मंजिलें हैं। आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि कुर्क की गई इस एकल संपत्ति का मूल्य 3,716.83 करोड़ रुपये आंका गया है।
ईडी की यह बड़ी कार्रवाई अनिल अंबानी की समूह कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े एक कथित बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच का सीधा परिणाम है। इस नवीनतम आदेश के साथ ही, इस हाई-प्रोफाइल बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य अब लगभग 15,700 करोड़ रुपये के भारी-भरकम आंकड़े तक पहुंच गया है।
इस मामले में 66 वर्षीय उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, अंबानी को इस मामले में दूसरे दौर की पूछताछ के लिए जल्द ही संघीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होना है। इससे पहले, वे अगस्त 2025 में पहली बार ईडी के सामने पेश हुए थे, जहां पीएमएलए के तहत उनका आधिकारिक बयान दर्ज किया गया था।
मुंबई के सबसे महंगे और चर्चित आवासों में से एक ‘एबोड’ का कुर्क होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कोई भी रियायत नहीं दी जा रही है। 15,700 करोड़ रुपये की कुल जब्ती के साथ, यह मामला भारत के कॉर्पाेरेट इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय जांच अभियानों में से एक बन गया है, जिसके अगले घटनाक्रमों पर बाजार और निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
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