हरदोई, 20 जनवरी। जिले में 1380 फर्जी किसानों से डेढ़ लाख क्विंटल से ज्यादा धान की खरीद सरकारी केंद्रों पर कर ली गई। गोपनीय जांच में पता चला कि किसानों ने जिस जमीन को अपना बताकर फसल बेची, वह जमीन उनके नाम है ही नहीं। जिलाधिकारी ने किसानों की जमीन का सत्यापन करने वाले चकबंदी विभाग के आठ लेखपालों पर विभागीय कार्रवाई कर प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
मामले में संडीला तहसील में तैनात एक प्राइवेट ऑपरेटर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश डीएम ने दिए हैं। इसके अलावा दो चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए संस्तुति भेजने के निर्देश उपसंचालक चकबंदी को दिए हैं।
इस मामले में रोहापार निवासी संजीव गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें संडीला और शाहाबाद तहसील के कुछ गांवों में किसानों का फर्जी सत्यापन कर धान खरीद करने का आरोप लगाया था। शिकायत पर उपसंचालक चकबंदी और बंदोबस्त अधिकारी से पूरे मामले की जांच कराई गई।
इनके लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई जिलाधिकारी अनुनय झा ने संबंधित लेखपालों टिकारी, जाजूपुर और मलेहरा के धर्मेंद्र चौधरी, रसूलपुर आंट की अंकिता श्रीवास्तव, भीखपुर एमा के अनिल कुमार, भटपुर के अंकुर मलिक, महमूदपुर सरैंया और दत्योनापुर के अंकित, भाके रोहित राठी, वाजिदनगर के सचिन कुमार और अंदा इब्राहिमपुर के कौशलेंद्र कुमार पर विभागीय कार्रवाई कर प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इनमें से चार लेखपालों को निलंबित किया जा चुका है। मक्का खरीद में गलत सत्यापन करने वाले धर्मेंद्र चौधरी के खिलाफ अतरौली थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा चुकी है।
■ धान खरीद इस तरह: सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण करना पड़ता है। संबंधित क्षेत्र का लेखपाल सत्यापन के बाद ऑनलाइन रिपोर्ट लगाता है। लेखपाल की रिपोर्ट के बाद उपजिलाधिकारी या चकबंदी अधिकारी इसे सत्यापित करते हैं। इसी सत्यापन के आधार पर सरकारी क्रय केंद्र के कर्मचारी धान की खरीद कर लेते हैं।
कागज में दर्ज किसानों के नाम पर खेल में सब शामिल लेखपालों ने 11 गांवों में किया फर्जी सत्यापन रू जांच में पता चला कि संडीला तहसील क्षेत्र के छह गांवों और शाहाबाद तहसील क्षेत्र के पांच गांवों में किसानों का फर्जी सत्यापन कर धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा गया। कुल 11 गांवों के 1380 किसानों के फर्जी सत्यापन से 1,50,061 क्विंटल धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा गया। संडीला तहसील के टिकारी, जाजूपुर, मलेहरा, रसूलपुर आंट, भीखपुर एमा, भटपुर के किसान दर्शाकर फर्जी सत्यापन किया गया। इसी तरह शाहाबाद तहसील के राभा, दत्योनापुर, महमूदपुर सरैंया, वाजिदनगर, अंदा इब्राहिमपुर के किसानों को दर्शाकर भी फर्जी सत्यापन किया गया।
चकबंदी अधिकारियों ने गलत सत्यापन किया मंजूर, कार्रवाई की संस्तुति लेखपालों के सत्यापन को अपनी आईडी से लॉक कराने वाले संडीला के चकबंदी अधिकारी मनोज कुमार सिंह और शाहाबाद के चकबंदी अधिकारी हरिशंकर यादव के खिलाफ निलंबन की संस्तुति करते हुए शासकीय पत्र शासन को भेजने के आदेश भी डीएम ने दिए हैं। उपसंचालक चकबंदी और बंदोबस्त अधिकारी ने पूरे मामले में संडीला तहसील के प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर नीरज कुमार को भी दोषी ठहराया था। डीएम ने ऑपरेटर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
Trending
- छह तीन दिन से बकरियां चट्टान पर फंसी, लेनी पड़ी एसडीआरएफ की मदद
- बेटियों को सेना में भर्ती होने का मौका, 18 फरवरी को होगी मिलिट्री पुलिस अग्निवीर भर्ती रैली
- परीक्षा में बैठने का अधिकार जीवन के अधिकार में शामिल : कोर्ट
- नोएडा के सीईओ को हटाया, एसआईटी जांच के दिये आदेश
- याचिका स्वीकार अजमेर दरगाह में मंदिर होने के दावे पर
- सुप्रीम कोर्ट दखल देगा त्योहारों के दौरान हवाई किरायों में बेतहाशा बढ़ोतरी के मामले में
- कुत्ते चार वर्षीय बच्ची को नोचकर खा गए, मौत
- नितिन नबीन बने बीजेपी के नये राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीएम मोदी ने माला पहनाकर किया स्वागत

