बिजनौर, 06 अप्रैल। मेरठ और गौतमबुद्धनगर के चार संदिग्ध आतंकियों की लखनऊ में गिरफ्तारी के बाद बिजनौर पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है। चार महीने पहले एके-47 और ग्रेनेड के साथ वायरल वीडियो में जिस युवक को पुलिस ने क्लीनचिट दी थी एटीएस की जांच में वह संदिग्ध आतंकी निकला।
दुबई में बैठे मेरठ के इस युवक का आतंकी कनेक्शन मिलने के बाद एसपी बिजनौर ने तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक को सस्पेंड करते हुए सीओ नजीबाबाद नितेश प्रताप सिंह को भी हटा दिया है। नांगल सोती थाना क्षेत्र के गांव सौफतपुर निवासी मैजुल की नवंबर माह में एक वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें वह वीडियो कॉल पर चार लोगों से बात कर रहा था। इस दौरान दुबई में रह रहा मेरठ का आकिब खान एके-47 और हैंड ग्रेनेड जैसा सामान दिखाता हुआ नजर आया था। इस मामले में 23 नवंबर को पुलिस ने मैजुल, आकिब खान और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
एक साल बाद अब जब ATS ने शाकिब समेत चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया तो बिजनौर पुलिस की लापरवाही का खुलासा हुआ। मामला संज्ञान में आने के बाद बिजनौर एसपी ने तत्कालीन थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है, जबकि सीओ को सर्किल से हटा दिया है।
यूपी एटीएस ने 3 अप्रैल को लखनऊ में मेरठ और गौतमबुद्धनगर के 4 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उनका संपर्क दुबई में रह रहे आकिब खान से था। बताया गया कि मेरठ का साकिब लगातार आकिब के संपर्क में था और उसी ने उसका परिचय आतंकी अबू बकर से कराया था। जांच में सामने आया कि देश में आतंकी गतिविधियों के लिए रेलवे को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी।
चारों आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच के दौरान एटीएस को पता चला कि शाकिब ने करीब 4 महीने पहले सोशल मीडिया पर एक ग्रुप कॉल के दौरान AK-47 और हैंडग्रेनेड का प्रदर्शन किया था। इस मामले में बिजनौर पुलिस की ओर से जांच भी की गई थी, पर बिजनौर पुलिस ने इन्हें “खिलौना” बताकर शाकिब को क्लीनचिट दे दी थी।
जांच करने पर पता चला नांगल सोती थाना क्षेत्र के गांव सौफतपुर निवासी मैजुल पिछले तीन साल से साउथ अफ्रीका में सैलून का काम करता है। नवंबर में उसकी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। वीडियो में वह इंस्टाग्राम कॉल पर चार लोगों से जुड़ा था।
इसी कॉल में दुबई में रह रहा मेरठ का शाकिब खान AK-47 और हैंड ग्रेनेड जैसा सामान दिखाता नजर आया था। वीडियो वायरल होने के बाद 23 नवंबर को पुलिस ने मैजुल, शाकिब खान और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक ने वीडियो कॉल के जरिए आकिब खान से बात की। शाकिब ने हथियारों को खिलौना बताया और हैंड ग्रेनेड को परफ्यूम की बोतल बताया। उसने वीडियो कॉल में ग्रेनेड खोलकर दिखाया और खुद को निर्दोष बताया। पुलिस उसकी बातों पर भरोसा कर बैठी और मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर शाकिब और मैजुल को क्लीनचिट दे दी गई।
आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद दुबई में बैठे आकिब ने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर वीडियो जारी कर सफाई दी है। उसने कहा कि उसका किसी आतंकी संगठन से कोई संबंध नहीं है और उसे झूठा फंसाया जा रहा है। आकिब पिछले तीन साल से दुबई में रहकर कार चलाने का काम कर रहा है।
एटीएस के खुलासे के बाद बिजनौर पुलिस की जांच पर सवाल उठे। एसपी अभिषेक झा ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक को निलंबित कर दिया है। वहीं सीओ नजीबाबाद नितेश प्रताप सिंह को सर्किल से हटा दिया गया है।

