नई दिल्ली, 27 फरवरी (अम)। विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइन टिकट रिफंड नियमों में संशोधन किया है। अब यात्री हवाई टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द या बदल सकते हैं, बशर्ते कुछ शर्तें पूरी हों। डीजीसीए ने यात्रियों के अनुकूल संशोधित नियम जारी किए हैं। इसके तहत एयरलाइन को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि यात्री टिकट बुकिंग के 24 घंटे के भीतर अपने नाम में कोई गलती दिखाए और टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया हो, तो इसका कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
डीजीसीए ने कहा कि यदि टिकट ट्रैवल एजेंट या पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई है, तो रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की होगी क्योंकि एजेंट उनके नियुक्त प्रतिनिधि हैं। एयरलाइन यह सुनिश्चित करें कि रिफंड प्रक्रिया 14 कार्यदिवसों के भीतर पूरी हो। इसके अलावा, यात्री या उसके परिवार के किसी सदस्य की चिकित्सा आपात स्थिति के कारण टिकट रद्द करने की शर्तों में भी बदलाव किए गए हैं। यह संशोधन इसलिए किया गया है, क्योंकि पिछले समय में यात्रियों की शिकायतें बढ़ रही थीं कि उन्हें समय पर रिफंड नहीं मिल रहा।
टिकट रिफंड का मुद्दा दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानों में बाधा के दौरान भी सामने आया था, जब विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन को निर्देश दिया था कि रिफंड को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। संशोधित नियम 24 फरवरी को जारी किया गया।
अब एयरलाइन को यात्रियों को टिकट बुकिंग के 48 घंटे के लिए ‘लुक-इन’ विकल्प प्रदान करना होगा। इस अवधि में यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द या संशोधित कर सकता है, बस संशोधित उड़ान के लिए सामान्य प्रचलित किराए का भुगतान करना होगा।
डीजीसीए ने कहा कि यह सुविधा उन उड़ानों के लिए उपलब्ध नहीं होगी, जिनकी प्रस्थान तिथि बुकिंग की तारीख से कम से कम सात दिन (घरेलू उड़ान) और 15 दिन (अंतरराष्ट्रीय उड़ान) दूर है, यदि टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक की गई हो। 48 घंटे की अवधि समाप्त होने के बाद यह विकल्प उपलब्ध नहीं होगा और यात्री को संशोधन या रद्द करने के लिए संबंधित शुल्क देना होगा।
डीजीसीए ने कहा कि यदि टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक की गई हो और यात्री ने बुकिंग के 24 घंटे के भीतर अपने नाम में गलती बताई हो, तो एयरलाइन किसी भी अतिरिक्त शुल्क का दावा नहीं कर सकती। चिकित्सा आपात स्थिति में टिकट रद्द होने पर यदि यात्री या उसी पीएनआर (यात्री का नाम और यात्रा का रिकॉर्ड) पर उसका परिवार अस्पताल में भर्ती होता है, तो एयरलाइन रिफंड या क्रेडिट शेल दे सकती है। अन्य मामलों में रिफंड तभी मिलेगा, जब एयरलाइन के एयरोस्पेस मेडिसिन विशेषज्ञ या डीजीसीए पैनल के विशेषज्ञ से यात्री की यात्रा योग्यता प्रमाण पत्र प्राप्त हो।
विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को कर्मचारियों की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है। उसने एयरवर्थिनेस, एयर सेफ्टी और अन्य निदेशालयों के लिए 38 कंसल्टेंट्स भर्ती करने का निर्णय लिया है। सरकारी नोटिस के अनुसार, विमानन योग्यता (एयरवर्थिनेस) निदेशालय में 24 और उड्डयन सुरक्षा (एयर सेफ्टी) निदेशालय में 6 कंसल्टेंट्स के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय संबंध और कानूनी मामलों के निदेशालय (डीआईआरएलए) में पांच सीनियर कंसल्टेंट्स और 2 कंसल्टेंट्स की भर्ती की जाएगी।
डीजीसीए उड़ान प्रशिक्षण निदेशालय में भी कंसल्टेंट्स की भर्ती करेगा। सभी कंसल्टेंट्स कुछ शर्तों के साथ अनुबंध के आधार पर एक साल के लिए भर्ती किए जाएंगे। आवेदनकर्ताओं की अधिकतम आयु 63 वर्ष निर्धारित की गई है। नियामक को कर्मियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि लगभग आधे पद खाली हैं। पांच फरवरी क विमानन मंत्रालय ने लोकसभा को बताया कि 15 जनवरी तक नियामक में 1,630 स्वीकृत पद थे, जिनमें से 787 पद खाली थे। कुल पदों में से 441 पद (26 तकनीकी और 15 गैर-तकनीकी) 2022 से 2024 के बीच डीजीसीए के पुनर्गठन के हिस्से के रूप में बनाए गए थे। मंत्रालय ने कहा कि रिक्तियों को भरने के लिए समय-समय पर पर्याप्त कदम उठाए गए हैं।
Trending
- फर्जी सैलरी स्लिप के जरिए बैंक से लिया करोड़ों का पर्सनल लोन, 5 गिरफ्तार
- स्कोडा की कारों पर लाखों रुपये के डिस्काउंट ऑफर मिल रहे
- अक्ल पर ताला लगा रहा एआई! खत्म हो रही इंसानों की तर्क-शक्ति
- सरकार और निर्माणकर्ता असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को दे मुआवजा लेकिन एफआईआर उचित नहीं
- सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को सरकार दुकानें बनाकर देने के साथ दे आर्थिक मदद, दोषी अफसरों को भी भेजा जाए जेल, एक व्यक्ति को दी जाए नौकरी, बाजार बंद ने स्पष्ट किया कि हर कोई व्यापारी के साथ है
- आईपीएल 2026 में कोलकाता टीम घर में पहली जीत की तलाश में उतरेगी
- पाकिस्तान ने खुद ही थपथपा ली अपनी पीठ, आतंकी देश पर भरोसा किसी को नहीं
- सैलून चलाने वाले को मिला ₹72 लाख का जीएसटी नोटिस, बैंक खाता फ्रीज

