कोलकाता 27 जनवरी। पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में सोमवार सुबह दो गोदामों में आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई। फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक अभी हताहत लोगों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि 21 अन्य लापता बताए जा रहे हैं। 7 झुलसे शव बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक इस कॉम्प्लेक्स में एक डेकोरेटर्स यूनिट और एक लोकप्रिय मोमो चेन को सप्लाई करने वाली फैक्ट्री थी। देर रात लगी आग में अंदर सो रहे मजदूर फंस गए थे। सुलगते मलबे में तलाशी जारी है।
बारुईपुर पुलिस जिला एसपी शुभेंदु कुमार ने बताया कि सभी शव इतनी बुरी तरह झुलसे हैं कि पहचान संभव नहीं है।
कोलकाता पुलिस के मुताबिक, आग लगने की घटना सुबह करीब 2.30 बजे आनंदपुर के नजीराबाद में एक वेयरहाउस में हुई। यह पूर्वी मेट्रोपॉलिटन बाईपास के पास एक घनी आबादी वाला इलाका है, जो दक्षिण और पूर्वी कोलकाता को जोड़ने वाली एक प्रमुख सड़क है।
गोदाम में एक डेकोरेटिंग कंपनी और एक लोकप्रिय मोमो चेन के मजदूर काम करते थे, जो वहीं अस्थायी कमरों में रहते थे।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात 28 लोग डेकोरेटर्स यूनिट में रात भर रुके थे, जबकि तीन अन्य मोमो फैक्ट्री में थे। लापता लोगों में से ज़्यादातर पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर जिलों के प्रवासी मजदूर हैं। फायर अधिकारियों ने बताया कि डेकोरेटर्स यूनिट में बड़ी मात्रा में थर्मोकोल और अन्य अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ रखे थे। आशंका जताई जा रही है कि सॉफ्ट ड्रिंक्स और पैकेटबंद खाने के बड़े स्टॉक ने आग को और भड़का दिया होगा, जिससे आग पूरी इमारत में तेज़ी से फैल गई।
फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, आग की जानकारी मिलते ही 10 फायर इंजन भेजे गए। हालात काबू में नहीं आने पर 12 और भेजे गए। फायर ब्रिगेडकर्मियों ने घंटों तक आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सुबह तक भी आग की लपटें जल रही थीं। मलबा हटाने के लिए एक बुलडोजर लाया गया। एहतियात के तौर पर पास के मजदूरों के मेस और एक रिहायशी घर को खाली कराया गया।
लापता लोगों के रिश्तेदार इमारत के जले हुए ढांचे के बाहर जमा हो गए, अपने प्रियजनों की तलाश कर रहे थे।
फायर सर्विस मंत्री सुजीत बोस ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मौके पर हाई-मास्ट लाइटें लगाई गई हैं। फायर सेफ्टी पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि साल में दो बार फायर ऑडिट होता है, लेकिन नियमों का पालन कराना मालिकों और कंपनी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

