मेरठ 07 जुलाई (प्र)। बाल धोने के लिए ब्यूटी पार्लर या सैलून जाना आज आम बात है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि हेयर वॉश के दौरान बरती गई छोटी-सी लापरवाही कभी-कभी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकती है। इसे चिकित्सकीय भाषा में ‘ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम’ कहा जाता है। हालांकि यह समस्या बेहद दुर्लभ है, लेकिन इसके प्रति जागरूक रहना जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार हेयर वॉश के समय गर्दन को लंबे समय तक पीछे की ओर झुकाकर रखने से कुछ लोगों में गर्दन की प्रमुख धमनियों पर दबाव पड़ सकता है, जिससे मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम के मामले बहुत कम सामने आते हैं अधिकांश लोग बिना किसी परेशानी के हेयर वॉश कराते हैं। इसलिए इसे लेकर घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की आवश्यकता है। सही तकनीक और थोड़ी-सी सावधानी इस जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार सैलून में हेयर वॉश के दौरान ग्राहक का सिर वॉश बेसिन के किनारे पर पीछे की ओर टिका रहता है। यदि गर्दन काफी देर तक इसी स्थिति में रहे या अधिक झुक जाए तो गर्दन की वर्टिब्रल आर्टरी पर दबाव पड़ सकता है। कुछ मामलों में इससे धमनी की भीतरी परत को नुकसान पहुंच सकता है या मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न होने की आशंका रहती है। यह जोखिम विशेष रूप से पहले से बीमार लोगों में अधिक हो सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, हृदय रोग, रक्त वाहिकाओं की बीमारी, बार-बार चक्कर आने की समस्या या पहले स्ट्रोक झेल चुके लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। बुजुर्गों और गर्दन की समस्या से पीड़ित लोगों में भी जोखिम अपेक्षाकृत अधिक माना जाता है। यदि हेयर वॉश के दौरान या उसके कुछ समय बाद तेज चक्कर आना, गर्दन में तेज दर्द, अचानक सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना, दो-दो चीजें दिखना, बोलने में कठिनाई, चेहरे या हाथ-पैर में सुन्नपन, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी, चलने में संतुलन बिगड़ना, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। स्ट्रोक के इलाज में शुरूआती ‘गोल्डन आवर्स’ सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। समय पर इलाज मिलने से गंभीर नुकसान से बचाव संभव है।
कैसे करें बचाव ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हेयर वॉश के दौरान गर्दन को लंबे समय तक पीछे की ओर न झुकाए रखें। गर्दन के नीचे मुलायम तौलिया या कुशन का सहारा लिया जा सकता है। यदि गर्दन में दर्द या असहजता महसूस हो तो तुरंत अपनी स्थिति बदले। जिन लोगों को या गर्दन से कोई बीमारी है उन्हें सैलून कर्मियों को पहले ही इसकी जानकारी देनी चाहिए। यदि संभव हो तो आगे की ओर झुककर बाल धोने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है।
एक्सपर्ट की राय
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राधिका गुप्ता कहती हैं कि ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम एक दुर्लभ स्थिति है लेकिन इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। हेयर वॉश के दौरान गर्दन को लंबे समय तक असहज स्थिति में रखने से बचना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को पहले से सर्वाइकल, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या रक्त वाहिकाओं से संबंधित समस्या है तो अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। सैलून संचालकों को भी ग्राहकों की सुविधा के अनुसार गर्दन को उचित सहारा देकर ही हेयर वॉश कराना चाहिए। किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

