अयोध्या 18 जून। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में रामलला के चढ़ावे में हुई चोरी प्रकरण के बाद बड़े प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट है। जांच कर रही एसआइटी को व्यवस्था में सुधार के भी सुझाव देने हैं। इस प्रकरण के प्रकाश में आने के बाद चिंतित केंद्र व प्रदेश सरकार व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन के लिए सख्त निर्णय लेने जा रही हैं। इस कड़ी में ट्रस्ट में शीघ्र ही मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति पर विचार चल रहा है। इस पद पर किसी सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी को तैनात किया जा सकता है। देश के अन्य प्रसिद्ध व बड़े मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा रहा है, जहां पहले से ही प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक इसका उद्देश्य दान, चढ़ावे और अन्य संपत्तियों के प्रबंधन में पूर्ण रूप से वित्तीय पारदर्शिता व शुचिता बनाए रखना है।
नौ नवंबर 2019 को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने पांच फरवरी 2020 को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था। इस 15 सदस्यीय ट्रस्ट में 12 सदस्य मनोनीत और तीन पदेन सदस्य शामिल किए गए थे। पदेन सदस्यों में केंद्र व राज्य सरकार के प्रतिनिधि के साथ अयोध्या के जिलाधिकारी शामिल हैं। वर्तमान समय में ट्रस्ट में कुल 14 सदस्य ही कार्यरत हैं और एक पद रिक्त है। दरअसल, विहिप के वरिष्ठ नेता कामेश्वर चौपाल के निधन (सात फरवरी 2025 ) के बाद पूर्व आइएफएस कृष्ण मोहन को ट्रस्टी बनाया गया था। अयोध्या राज परिवार के मुखिया व ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का 24 अगस्त 2025 को निधन हो जाने के बाद से उनका पद खाली है। विधिक विकल्प यह है कि क्या इसी रिक्त पद पर किसी प्रशासनिक अधिकारी को सीईओ के रूप में नियुक्त किया जाए, या फिर इसके लिए एक नया पद सृजित किया जाए।
तीसरे दिन भी एसआइटी ने खंगाले रिकार्ड, 60 से पूछताछ
अयोध्या पहुंचे विशेष जांच दल (एसआइटी) ने तीसरे दिन भी कई वर्षों के पुराने वित्तीय रिकार्ड खंगाले और मंदिर व्यवस्था से जुड़े कर्मियों के बयान दर्ज किए। बुधवार को उन कर्मियों को विशेष रूप से तलब • किया गया जो सुरक्षा, नकदी को सुरक्षित लाने और उसे बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया से इतर कार्यों से जुड़े हैं। अब मंदिर की आंतरिक व्यवस्था देखने वाले कर्मियों से पूछताछ की जा रही है। पूरे दिन परिसर के ग्रीन हाउस में बने कैंप कार्यालय में ही पूछताछ चलती रही, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। अब तक लगभग 60 कर्मियों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि शेष बचे कर्मियों से गुरुवार को पूछताछ होने की संभावना है। बुधवार की रात करीब नौ बजे तक एसआइटी परिसर में जांच करती रही।

