नई दिल्ली, 28 अप्रैल (ता)। माली में गत दिवस अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन ने बड़ा आतंकी हमला किया। इस हमले में माली के रक्षा मंत्री सादियो कैमारा की मौत हो गई।
हमला राजधानी बामाको के बाहर स्थित काटी मिलिट्री बेस पर हुआ, जहां रक्षा मंत्री रहते थे। आतंकियों ने उनके आवास पर सीधा हमला कर दिया, जिससे मंत्री की जान चली गई।
यह हमला कई सालों में सबसे संगठित और खतरनाक माना जा रहा है। जेएनआईएम के आतंकियों ने बामाको के आसपास ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य शहरों और सोने की खदानों वाले इलाकों में एक साथ धमाके और गोलीबारी की। उत्तर में किडाल शहर में तुआरेग विद्रोहियों के साथ मिलकर हमला किया गया। विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने किडाल शहर पर कब्जा कर लिया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
रक्षा मंत्री सादियो कैमारा माली की सेना में प्रमुख भूमिका निभाते थे और हाल के वर्षों में सुरक्षा अभियानों का नेतृत्व कर रहे थे। उनकी मौत से देश में सदमा और राजनीतिक अस्थिरता फैल गई है। रविवार को भी बामाको के पास सैनिक छावनी में गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
माली और पूरे सहेल क्षेत्र (माली, नाइजर, बुर्किना फासो आदि) में लंबे समय से इस्लामिक आतंकवादी समूह एक्टिव हैं। जेएनआईएम, जो अल-कायदा का सहयोगी है, पहले दूर-दराज के इलाकों में हमले करता था, लेकिन इस बार राजधानी के करीब सैन्य अड्डे को निशाना बनाया है।
संयुक्त राष्ट्र ने इस हमले पर गहरी चिंता जताई है और माली सरकार से हिंसा रोकने की अपील की है। अभी तक मरने और घायल होने वालों की सही संख्या सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक हताहतों की संख्या काफी हो सकती है।
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