चमोली, 23 अप्रैल। बदरीनाथ मंदिर के कपाट आज सुबह सवा छह बजे बैसाख मास शुक्ल पक्ष पुनर्वसु नक्षत्र व सर्वार्थ सिद्ध योग में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। सीएम पुष्कर सिंह धामी भी कपाट खुलने के पावन पल के साक्षी बने। पीएम मोदी के नाम से मंदिर में पहली पूजा हुई। इससे पहले बुधवार को ही उद्दव, तेल कलश और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी बदरीनाथ धाम पहुंच गई थी, जबकि कुबेर की डोली रात्रि प्रवास के लिए बामणी गांव पहुंची। मंदिर परिसर से लेकर आसपास के प्राचीन मठ-मंदिरों तक को 25 कुंतल ऑर्किड और गेंदे के फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र जगमगा उठा है।
बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में रौनक लौट आई है। बदरीनाथ में अब तक करीब साढ़े पांच सौ वाहन पहुंच चुके हैं। अखंड ज्योति के दर्शन के लिए दस हजार से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे। बदरीनाथ धाम में श्रद्धालु आध्यात्मिक अनुभूति के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ भी उठाते हैं।
बदरीनाथ धाम में आज सुबह मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही भक्ति और उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बैसाख मास के शुभ अवसर पर पुनर्वसु नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्ध योग में ठीक सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार खोले गए। इस दौरान जय बदरीविशाल के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस पावन अवसर पर मौजूद रहे। कपाट खुलने से पहले निर्धारित परंपराओं का पालन किया गया। तड़के चार बजे भगवान कुबेर जी का दक्षिण द्वार से प्रवेश हुआ, जिसके बाद मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियां शुरू हुईं। रावल, धर्माधिकारी और वेदपाठियों ने उद्धव जी के साथ मंदिर में प्रवेश कर विधिवत द्वार पूजन संपन्न कराया।
इसके बाद तय समय पर कपाट खोल दिए गए और पूर्वाह्न 11 बजे से गर्भगृह में पूजा-अर्चना आरंभ हुई। बदरीनथ धाम को भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर परिसर और आसपास के मठ-मंदिरों को लगभग 25 कुंतल ऑर्किड और गेंदे के फूलों व फलों से सजाया गया, जिससे धाम और पूरा क्षेत्र दिव्य दिखाई दिया।

