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    Home»न्यूज़»सरकार सभी जिलों की चिकित्सा सुविधाओं का ब्योरा पेश करे : हाईकोर्ट
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    सरकार सभी जिलों की चिकित्सा सुविधाओं का ब्योरा पेश करे : हाईकोर्ट

    adminBy adminApril 23, 2026No Comments5 Views
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    लखनऊ, 23 अप्रैल (ता)। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को सभी जिलों के मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध सुविधाओं का विवरण देते हुए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी पूछा कि ये सुविधाएं मरीजों की स्थानीय जरूरतों को किस हद तक पूरा करती हैं। मामले की अगली सुनवाई 25 मई, 2026 को होगी।
    न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश वी द पीपल संस्था की जनहित याचिका पर दिया। याचिकाकर्ता ने राज्यभर के अस्पतालों में मरीजों के उपचार संबंधी मुद्दे उठाए थे। कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया। केंद्र से निजी चिकित्सा अस्पतालों के विनियमन और किसी कानून की आवश्यकता पर जवाब मांगा गया है। राज्य सरकार को लखनऊ के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पतालों की तर्ज पर अन्य जिलों में खुले या प्रस्तावित अस्पतालों की जानकारी देनी होगी।
    कोर्ट ने व्यवस्था के विकेंद्रीकरण पर जोर दिया ताकि मरीजों को लखनऊ न आना पड़े। वेंटिलेटर चलाने के लिए कुशल कर्मियों की उपलब्धता और पिछले पांच वर्षों में हुई भर्तियों का ब्योरा भी मांगा गया है। निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों से ली जाने वाली फीस के संबंध में नियामक तंत्र की भी जानकारी मांगी गई है।
    डॉक्टरों के वेतन, वेंटिलेटर की उपलब्धता पर सवाल: कोर्ट ने सरकारी और निजी डॉक्टरों के वेतन की तुलना पर विचार करने को कहा। सरकारी अस्पतालों में कम वेतन के कारण कई डॉक्टर निजी क्षेत्र में चले जाते हैं। अदालत ने डॉक्टरों की सेवाओं को नौकरशाही से अधिक महत्वपूर्ण कहा। कोर्ट ने पर्याप्त वेंटिलेटर सुनिश्चित करने और उनकी मांग उपलब्धता के आंकड़ों पर ध्यान देने का निर्देश दिया।
    हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य के प्राथमिक संसाधनों का आवंटन स्वास्थ्य के लिए होना चाहिए। कोर्ट ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के न्यूनतम मानदंडों से संतुष्ट न होने को कहा। राज्य सरकार को चिकित्सा सुविधाओं के लिए आवंटित बजट का प्रतिशत भी बताने को कहा गया। एसजीपीजीआई, लखनऊ और अन्य स्वायत्त अस्पतालों को भी इस मामले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

    Court Order Government Must Submit Details of Medical Facilities in All Districts: High Court lucknow tazza khabar tazza khabar in hindi Uttar Pradesh
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