रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) 21 अप्रैल। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम से बड़ी खबर सामने आई है. केदारनाथ मंदिर परिसर में अब मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. यह निर्णय मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. 22 अप्रैल यानी बुधवार को केदारनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं. उससे पहले मंदिर समिति की ओर से बड़ा निर्णय लिया गया है.
मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने जानकारी दी कि, अब कोई भी श्रद्धालु मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन लेकर प्रवेश नहीं कर सकेगा. साथ ही परिसर में फोटो खींचना, वीडियो बनाना और सोशल मीडिया के लिए रील तैयार करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई श्रद्धालु इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. मंदिर प्रशासन इस नियम को लेकर पूरी तरह गंभीर है और इसके पालन के लिए निगरानी भी बढ़ा दी गई है. हालांकि, विनीत पोस्ती ने बताया कि, मंदिर समिति द्वारा मंदिर से 80 मीटर की दूरी पर तय स्थान पर ही श्रद्धालु फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर सकेंगे. इसके अलावा किसी भी स्थान पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा.
इसके अलावा मंदिर समिति ने इस साल से मंदिर परिसर के पास ही एक स्थान चयनित किया है, जहां लॉकर सुविधा उपलब्ध है, जिसमें श्रद्धालु अपना मोबाइल, पर्स और कीमती सामान सुरक्षित रख सकते हैं.
बता दें कि 19 अप्रैल से उत्तराखंड चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो चुका है. पहले गंगोत्री और फिर यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ हेतु खोल दिए गए हैं. इसके बाद अब 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे. जबकि 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट अगले 6 माह के लिए खुलेंगे.
मंदिर समिति ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धार्मिक मर्यादाओं का पालन करें और धाम की गरिमा बनाए रखें. प्रशासन का कहना है कि इस निर्णय से श्रद्धालुओं को अधिक शांतिपूर्ण, आध्यात्मिक और दिव्य वातावरण में दर्शन का अवसर मिल सकेगा.

