रायबरेली 09 अप्रैल। रायबरेली में बैंक ऑफ बड़ौदा से पर्सनल लोन लेकर घोटाले का पुलिस ने खुलासा किया है. पकड़े गए गिरोह के सदस्य फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन दिलाते थे. शहर कोतवाली पुलिस ने राना नगर से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं. गिरोह ने करोड़ों रुपये की चपत बैंक को लगाई है. हालिया 38 लाख रुपये से ज्यादा का फर्जीवाड़ा किया गया है.
एसपी रवि कुमार ने बताया कि आरोपी गैर जनपद के रहने वाले हैं और फर्जी सैलरी स्लिप व नियुक्ति पत्र बनाकर बैंक से लोन हासिल करते थे. गिरफ्तार आरोपियों ने फर्जी आधार और पते पर हाल ही में 38 लाख 90 हजार का पर्सनल लोन लिया था. जबकि गिरोह में शामिल लोग अब तक करीब 9 करोड़ से अधिक रुपये का पर्सनल लोन ले चुके थे. मामले में 48 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है. यह एफआईआर 29 दिसंबर 2025 को बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा द्वारा दर्ज कराई गई थी. पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है.
बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक लोन दिलाने वाले गिरोह के 5 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए, जिनमें राजेश सिंह पुत्र छेदा सिंह निवासी इंदिरा नगर प्रथम कस्बा हैदराबाद थाना आसीवन जनपद उन्नाव, बब्लू राठौर पुत्र श्रीराम रतन राठौर, कामिनी राठौर पत्नी बबलू राठौर निवासी गुप्ता कॉलोनी तरीनपुर थाना कोतवाली नगर सीतापुर, गोपाल सिंह पुत्र स्व. महेश सिंह, राधिका देवी पत्नी गोपाल सिंह निवासी गाजीपुर मजरा भैसा मऊ थाना बीकेटी बक्शी का तालाब, लखनऊ शामिल हैं. अभियुक्तों के विरुद्ध थाना स्थानीय पर विधिक कार्यवाही करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है. शेष अभियुक्तों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी.
एसपी के मुताबिक, पूछताछ से पता चला कि अभियुक्तों द्वारा अपने जानकार व रिश्तेदारों के खाते रायबरेली बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा में ट्रान्सफर व खुलवाये जाते थे. उन लोगों के आधार पर पता बदलवा देते थे. गोपाल ने अपनी पत्नी राधिका के नाम से यूको बैंक में ट्रेजर के नाम से खाता खुलवाकर उसी से फर्जी सैलरी स्लिप दिखाई तथा फर्जी नियुक्ति पत्र के दस्तावेज लगाकर इन खातों पर पर्सनल लोन कराया.
राजेश ने यूको बैंक में रायबरेली ट्रेजर के नाम से खाता खुलवाकर उसी की फर्जी सैलरी स्लिप दिखाई तथा फर्जी नियुक्ति पत्र के दस्तावेज लगाकर इन खातों पर पर्सनल लोन कराया. इसी तरह बब्लू राठौर व कामिनी राठौर जो कि पति-पत्नी हैं, के द्वारा फर्जी सैलरी स्लिप, फर्जी नियुक्ति पत्र व आधारकार्ड पर पता बदलकर 38 लाख 90 हजार का पर्सनल लोन लिया गया.

