हरिद्वार, 09 अप्रैल (जा)। पतंजलि योगपीठ ने ‘विश्व भेषज संहिता’ के रूप में एक ऐसा वैश्विक ज्ञानकोश तैयार किया है, जिसमें विश्वभर की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों, औषधीय पौधों और जनजातीय ज्ञान को समेटा गया है। 109 खंडों में प्रकाशित इस संहिता को पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में अब तक का सबसे व्यापक एवं व्यवस्थित दस्तावेज माना जा रहा है। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि करीब दो दशक की सतत साधना के बाद वर्ष 2022 में ‘विश्व भेषज संहिता’ का पूर्ण स्वरूप सामने आया। देहरादून में आयोजित दून बुक फेस्टिवल के दौरान। गत दिवस आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आज एआइ के युग में गूगल जैसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी भी इस साक्ष्य आधारित डाटा में रुचि दिखा रही है। गूगल ने पतंजलि से इस डाटा के उपयोग के लिए संपर्क साधा है। यह भारतीय पारंपरिक ज्ञान की वैश्विक स्वीकार्यता और बढ़ते महत्व का प्रमाण है।
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