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    Home»देश»पिता-पुत्र की हिरासत में मौत मामले में 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा
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    पिता-पुत्र की हिरासत में मौत मामले में 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा

    adminBy adminApril 7, 2026No Comments3 Views
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    मदुरै 07 अप्रैल। मदुरै की जिला अदालत ने सोमवार को सातांकुलम में हिरासत में मौत के मामले में दोषी पाए गए नौ पुलिस कर्मियों को मृत्युदंड सुनाया। अदालत ने कहा कि यह मामला ‘दुर्लभतम’ श्रेणी का है। इन पुलिसकर्मियों को जून 2020 में पी. जेयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स की हिरासत में हत्या और यातना के मामले में दोषी पाया गया।

    जज मुथुकुमारन ने कहा, यदि आम नागरिक ने यह अपराध किया होता, तो सामान्य सजा दी जा सकती थी। लेकिन अपराध पुलिस ने किया है। इसलिए साधारण सजा नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि यह हिरासत में हिंसा का स्पष्ट उदाहरण है। साक्ष्यों से पता चला कि पिता और पुत्र को पुलिस हिरासत में बुरी तरह पीटा गया। निरीक्षक एस श्रीधर ने हमले के लिए उकसाया। जबकि, अन्य कर्मी हिंसा और उसके बाद सबूतों को छिपाने में शामिल थे।
    आरोपियों पर हत्या, गंभीर चोट पहुंचाने, साक्ष्य गढ़ने और झूठे मामले दर्ज करने के आरोप शामिल थे।

    पुलिस ने जेयराज (58 वर्षीय) और बेनिक्स (31 वर्षीय) को 19 जून 2020 को हिरासत में लिया था। उन पर कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान नियम तोड़ने का आरोप लगाया गया था। कुछ दिनों बाद उनकी कोविलपत्ती सरकारी अस्पताल में मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि पुलिस हिरासत में उन्हें क्रूर यातना दी गई थी।

    केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने फॉरेंसिक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर साबित किया कि सातांकुलम थाने में उन पर क्रूर हमला हुआ था। थाने में पाए गए खून के धब्बे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटें मुख्य साक्ष्य रहे।

    आरोपी विशेष उप-निरीक्षक पॉल्दुराई की मुकदमे के दौरान कोरोना से मौत हो गई थी। यह मामला पूरे देश में हिरासत में हिंसा और पुलिस की जवाबदेही पर बहस का केंद्र बन गया था। अब सजा सुनाए जाने के बाद मामला अंतिम चरण में प्रवेश कर गया है।

    पीड़ितों के वकील जबा सिंह ने कहा, अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। ए1 से ए9 तक सभी आरोपियों को मौत की सजा दी गई। पहले आरोपी (ए1) को 24 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश मिला। दूसरे आरोपी (ए2) को 16.30 लाख रुपये देने होंगे। कुल मिलाकर मृतक बेनिक्स की मां को 1.40 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाएगा। अदालत ने कहा कि अगर आरोपी मुआवजा नहीं देंगे तो उनकी संपत्ति जब्त कर बेच दी जाएगी और राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी।

    इस केस में कुल 10 पुलिसकर्मी आरोपी थे. इनमें इंस्पेक्टर एस. श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर पी. रघु गणेश, के. बालकृष्णन, हेड कांस्टेबल एस. मुरुगन, ए. समदुरई, और कांस्टेबल एम. मुथुराज, एस. चेल्लादुरई, एक्स. थॉमस फ्रांसिस, एस. वेलुमुथु शामिल हैं. एक अन्य आरोपी स्पेशल सब-इंस्पेक्टर पॉलदुरई की कोविड-19 के दौरान मौत हो गई थी.

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