जाट समाज में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सर्वमान्य मान्यता रखने वाले महाराजा सूरजमल के द्वारा स्थापित ट्रस्टों के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा देने समाज उत्थान में योगदान व चिकित्सा में योगदान के साथ ही उन्होंने अपने जीवन में सेवा के मामले में कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्तमान में दिल्ली स्थित महाराजा सूरजमल ट्रस्ट के प्रतिनिधि भी इस काम में कार्य कर रहे हैं। ऐेसे में इन महान पुरुष और समाज के लिए एक प्रेरणा के रुप में पहचान रखने वाले महाराजा सूरजमल की २९ मार्च को अंतरराष्ट्रीय जाट संसद में जाट समाज के प्रमुख लोग उप्र की उनकी सबसे बड़ी प्रतिमा का अनावरण करने जा रहे हैं। जाट समाज के नवनिर्माण और सामाजिक एकता के पुरोधा की २९ मार्च को लगने वाली प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम को सकौती में समारोह इस समाज को आपस में जोडने का काम करेगा ही । देश में भी इसका योगदान रहेगा। यह बात विश्वास से कही जा सकती है। कहते हैँ कि एकता में शक्ति है और जाट समाज के देशहित में योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। महाराजा सूरजमल ने लोगों के साथ मिलकर जीवन में जनहित में काम किए। ऐेसे महान व्यक्ति की प्रतिमा स्थापना पर उप्र कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं उत्तर भारत के प्रमुख तिलक पुस्तकालय के मंत्री चौधरी यशपाल सिंह का आहवान महत्वपूर्ण है कि देश के प्रति अपना संकल्प व्यक्त करने और महाराजा सूरजमल के कार्यो को आगे बढ़ाने की प्रेरणा युवा पीढ़ी को देने हेतु जरुर पहुंचे। और महापुरुषों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ ही एकता की मिसाल प्रस्तुत करें।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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