नई दिल्ली, 26 मार्च (हि)। एलजीपी संकट की आड़ में ग्राहकों से गैस शुल्क वसूल रहे होटलों और रेस्तरांओं को सरकार ने सख्त चेतावनी जारी की है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए ) ने गत दिवस कहा है कि ये अनुचित व्यापार गतिविधियां हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने होटल, रेस्तरांओं को किया आगाह कि वे एलपीजी शुल्क और ईंधन लागत वसूली जैसे अतिरिक्त शुल्क न लगाएं। सीसीपीए ने कहा कि ग्राहकों के बिलों में एलपीजी शुल्क, गैस अधिभार और ईंधन लागत वसूली जैसे अतिरिक्त शुल्क लगाने को संज्ञान में लिया गया है। सीसीपीए ने पाया कि सेवा शुल्क संबंधी मौजूदा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर ऐसे शुल्क लगाए जा रहे हैं।
इसके उदाहरण में सामने आया कि बेंगलुरू के एक कैफे द्वारा ‘गैस संकट शुल्क’ वसूलने के मामला सामने आया है। पीड़ित ग्राहक ने कैफे का बिल सोशल मीडिया साझा किया। ग्राहक ने दो गिलास ‘मिंट लेमोनेड’ ऑर्डर किए थे, जिसका कुल बिल 374 रुपये था। इसमें 17.01 रुपये का ‘गैस क्राइसिस’ शुल्क भी था।
इसके अलावा चेन्नई, गुरुग्राम और अन्य शहरों में भी गैस शुल्क वसूलने के मामले सामने आए हैं, जहां ग्राहकों से इडली, वड़ा और मोमोज जैसी चीजों पर 9 से 30 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के सेवा शुल्क अनिवार्य नहीं है और यह वैकल्पिक होना चाहिए यानी ग्राहक इसे देने से इनकार कर सकते हैं।
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