आगरा 19 मार्च। पूर्व फौजी से 20 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में दरोगा को निलंबित कर दिया गया. पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने इरादतनगर थाने में तैनात SI मानवेंद्र गंगवार को निलंबित करते हुए एडिशनल पुलिस कमिश्नर रामबदन सिंह को जांच सौंप दी है.
सदर थाना क्षेत्र के रोहता निवासी नागेंद्र सिंह ने पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार और विजिलेंस में शिकायत की. बताया कि जुलाई 2025 में इरातनगर थाना में धोखाधड़ी की धाराओं के तहत एक मुकदमा लिखाया गया. इसमें जयप्रकाश शर्मा, गजेंद्र पाल, वातेंद्र, नागेंद्र और सत्यवीर नामजद किए गए. यह मामला गांव नगला इमली निवासी नीतू देवी ने लिखाया था.
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि यह शिकायत भ्रष्टाचार निवारण हेल्पलाइन नंबर पर आई थी. शिकायत के बारे में पीड़ित से बात की. इसे गंभीरता से लेकर आरोपी दरोगा मानवेंद्र गंगवार को निलंबित कर दिया है.
इस मुकदमे में आरोप था कि जयप्रकाश ने सन् 2014 में जिस जमीन का मुख्तारनामा उनके नाम किया था, उसी जमीन को बेच है. जबकि, हमने 2021 में रोहता निवासी जयप्रकाश से फतेहाबाद तहसील के गांव मुबारिकपुर में .8070 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी.
जमीन के एवज में 52.50 लाख रुपए का भुगतान भी किया था. जमीन पर अब काबिज भी हूं. जब मुझे मुकदमे की जानकारी हुई तो हाईकोर्ट में शरण ली. हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगी. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने विवेचक को इस मामले में जवाब दाखिल करने आदेश दिए थे. इसके बाद विवेचक ने अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया है.
पीड़ित पूर्व फौजी नागेंद्र सिंह ने पुलिस कमिश्रर दीपक कुमार को बताया कि SI मानवेंद्र गंगवार विवेचक हैं. मुकदमे में जब मानवेंद्र गंगवार से मिले तो उन्होंने एक नाम निकालने के एवज में 5 लाख रुपए की डिमांड की. कहा कि इस मामले में चार नाम निकाल दूंगा. इसके एवज में बीस लाख की मांग करने लगे. इसका वीडियो भी पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर को दिया.सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रिश्वत की डिमांड करने वाला SI मानवेंद्र गंगवार वर्ष 2023 बैच का है. वीडियो में SI अपने ही जोन के DCP को अपशब्द बोल रहा है. वीडियो में बोल रहा है कि यह मामला 20-25 हजार वाला नहीं है.
जब SPO की राय आई तो एक प्रधान सहित सात नाम और प्रकाश में आए हैं. 25-25 हजार रुपये लेकर उन्हें निपटा दिया गया था. दो-तीन दिन में SO बदलने वाले हैं. वीडियो में चौकी के रेट को लेकर भी बोल रहा है. यह भी बोल रहा है कि उसे चौकी मिल रही थी. शादी होने वाली थी, इसलिए नहीं ली.

