नई दिल्ली 16 मार्च। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुरू किए गए 3000 रुपये के फास्टैग एनुअल पास को इतना प्रसिद्धि मिली कि 50 लाख से अधिक लोगों ने इसका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। लेकिन अब फास्टैग का एनुअल पास खरीदने के लिए आपको थोड़ी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए फास्टैग की एनुअल फीस में बदलाव किया है। 12 मार्च को इस संबंध में एक आदेश जारी किया गया। इसके मुताबिक, वार्षिक पास के लिए अब 3000 रुपये की जगह 3075 रुपये देने होंगे। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी।
दरअसल फास्टैग एनुअल पास को नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लोगों का अनुभव बेहतर बनाने के लिए पेश किया गया था। जिन गाड़ियों में एनुअल पास एक्टिव होता है, उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा से 200 बार तक गुजरने की अनुमति होती है। यह पास एक साल के लिए वैलिड होता है। इनमें से जो भी शर्त पहले पूरी हो जाए।
यह सुविधा केवल निजी कारों, जीपों और वैन को मिलती है। इस पहल का उद्देश्य बार-बार टोल भुगतान करने की जरूरत को कम करना और पूरे नेशनल हाईवे नेटवर्क पर FASTag के ज़रिए डिजिटल टोल संग्रह के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देना था।
कैसे खरीदें फास्टैग एनुअल पास?
FASTag Annual Pass खरीदने के लिए राजमार्ग यात्रा एप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा NHAI और MoRTH की आधिकारिक वेबसाइट से भी इसे खरीदा जा सकता है। पास को एक्टिवेट करने के लिए यूजर्स को अपने FASTag से जुड़े अकाउंट में लॉग इन करना होगा। इसके बाद वाहन के रजिस्ट्रेशन की जानकारी और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर UPI, डेबिट या क्रेडिट कार्ड, या नेट बैंकिंग के ज़रिए पेमेंट पूरा करना होगा।
पेमेंट प्रोसेस होने के बाद एनुअल पास अपने आप FASTag से जुड़ जाता है और आमतौर पर 24 घंटों के अंदर एक्टिवेट हो जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक लगभग 11.86 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 5.9 करोड़ FASTag अभी भी सक्रिय हैं और पूरे देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल भुगतान के लिए उपयोग किए जा रहे हैं।

