काठमांडू/नई दिल्ली, 13 मार्च (इं)। नेपाल चुनाव के अंतिम नतीजे आ गए हैं। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने 125 सीटों के साथ बंपर बहुमत हासिल किया है. लेकिन पार्टी में बालेन शाह को पीएम बनाने को लेकर मतभेद उभर आए हैं। कहा जा रहा है कि पार्टी में ही दो गुट बन गए हैं। पार्टी ने काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह के चेहरे पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव ने नेपाल की जनता ने सीधे वोटिंग में 165 में से 125 सीट पर सीधे आरएसपी को जीत दिलाई है। लेकिन पार्टी में एक अलग गुट बन गया है जो चाहता है कि कोई अन्य नेता देश का पीएम बने।
अगर प्रोपोर्शनल रिप्रजेंटेशन की वोट और सीट को जोड़ा जाए तो आरएसपी पार्टी सीधे 185 सीट के आसपास सीट इस चुनाव में जीती है। 275 सीट के असेंबली ने यह आकड़ा दो तिहाई से ज्यादा है। लेकिन इस चुनाव के नतीजे आने के बाद भी पीएम पद को लेकर पार्टी के तरफ से रुख साफ नहीं किया गया है। पीएम पद के शपथ को लेकर की कब पीएम का शपथ होगा यह साफ नहीं किया है। कहा जा रहा है कि पार्टी के कुछ नेता पार्टी में एक अलग गुट बना रहे है। यह वर्ग चाहता है कि इनका कोई और नेता पार्टी से प्रधानमंत्री बने।
आरएसपी पार्टी के फाउंडर रवि लामीचने और पार्टी में नंबर दो डीपी आर्यल ने अभी तक साफ नहीं किया है कि देश का अगला पीएम कौन होगा। नेपाल के कुछ राजनीतिक जानकार का मानना है की पार्टी ने बालेन शाह के चेहरे पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर ली लेकिन अब ऐसा भी हो सकता की पार्टी कहीं बालेन शाह को पीएम नहीं बनाए।
आरएसपी सिर्फ 3 साल पुरानी पार्टी है, जिसका गठन साल 2022 में हुआ है। ऐसे में पार्टी के पुराने नेता अंतिम वक्त पर बालेन को पीएम बनाने के फैसले से यू टर्न ले सकते है। सरकार कौन चलाएगा और पार्टी का संगठन कौन संभालेगा? इस वजह से कुछ नेता यह सुझाव दे सकते हैं कि बालेन शाह पार्टी या सरकार में अलग भूमिका लें, लेकिन इसका मतलब जरूरी नहीं कि वे उनके खिलाफ हों।
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