बागपत, 11 मार्च । बागपत जिले के दोघट कस्बे में एक शादी समारोह के दौरान बहावड़ी गांव के पूर्व प्रधानपति विवेक मलिक उर्फ विक्की की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने घात लगाकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए एक आरोपी को पकड़ लिया, जबकि अन्य हमलावर फरार हो गए।
मृतक की पत्नी और बहावड़ी गांव की पूर्व प्रधान बबली ने बताया कि विवेक मलिक ने विवाह स्थल से बाहर जाते समय कहा था कि वह दो मिनट में लौट आएंगे, लेकिन कुछ ही पलों बाद गोलियों की आवाज गूंज उठी और उनकी हत्या कर दी गई।
बबली के अनुसार वह अपने पति विवेक मलिक और अन्य परिजनों के साथ मंगलवार दोपहर बाद दोघट में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंची थीं। रात करीब एक बजे बरात की चढ़त की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान विवेक मलिक ने कहा कि वह दो मिनट में आते हैं और विवाह स्थल से बाहर चले गए।
जैसे ही वह बाहर गए, तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अचानक गोलियों की आवाज सुनकर बबली बाहर दौड़ीं तो देखा कि विवेक जमीन पर गिर चुके थे और छह से सात युवक मौके से भाग रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने पीछा कर एक आरोपी को पकड़ लिया, जबकि अन्य हमलावर फरार हो गए। बदमाश गर्म कपड़ों में थे। वहीं गोली लगने से विवेक मलिक की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक के चचेरे भाई विपिन देशवाल ने बताया कि घटना के समय वह विवेक मलिक के पास ही खड़ा था। तभी छह से अधिक बदमाश आए और विवेक पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने उस पर भी कई गोलियां चलाईं। विपिन ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। बाद में लोगों की मदद से एक आरोपी को पकड़ लिया गया। विपिन का कहना है कि प्रधानी चुनाव की रंजिश के चलते ही विवेक मलिक की हत्या की गई है।
बबली ने बताया कि वह दोबारा गांव में प्रधान पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं। इसके लिए गांव में पोस्टर भी लगवाए गए थे, जिनमें नववर्ष, मकर संक्रांति और गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी गई थीं।
इन पोस्टरों पर बबली के साथ विवेक मलिक की तस्वीर भी लगी थी। परिजनों का आरोप है कि विरोधियों ने कई दिन पहले ही हत्या की साजिश रच ली थी और गांव के आसपास डेरा डाले हुए थे। हालांकि परिवार को इसकी जानकारी नहीं लग सकी।

