नई दिल्ली 11 मार्च। देशभर में गैस की गंभीर किल्लत के कारण होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में वाणिज्यिक गैस और एलपीजी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है। इसकी वजह से भोजनालयों में हड़बड़ाहट मची हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली के कई रेस्टोरेंट के मालिक गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारों में खड़े हैं ताकि उन्हें सिलेंडर मिल सके। यहाँ तक कि कुछ मालिक गैस एजेंसियों को धमकी तक दे रहे हैं।
मुंबई में संकट गहरा
दूसरी ओर, मुंबई में भी कमर्शियल गैस की सप्लाई ठप हो चुकी है। कई रेस्टोरेंट्स के मालिकों का कहना है कि उनके पास गैस का स्टॉक खत्म हो गया है। स्थिति ऐसी बन गई है कि कई बड़े सेक्टर बंद होने के कगार पर हैं। भोपाल में भी गैस की कमी से रेस्टोरेंट के मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वीडियो में दिख रही भीषण भीड़ यह साबित करती है कि स्थिति कितनी गंभीर है।
लखनऊ और बेंगलुरू
लखनऊ में हालात और गंभीर हैं। यहाँ पर एक हफ्ते से गैस सिलेंडर नहीं पहुंचा है, जिससे रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ गई है। होटल मालिक खुद इस संकट की पुष्टि कर रहे हैं। बेंगलुरू में, प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट विद्यार्थी भवन भी अब बंद होने की कगार पर है। लोग लंबी कतारों में खड़े हैं, लेकिन उन्हें राहत मिलती नहीं दिख रही।
सरकार ने उठाए ठोस कदम
सरकार ने गैस संकट को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत प्राथमिकताएं तय की हैं। इस कानून के तहत ये तय किया गया है कि संकट के समय कितनी गैस और किसे मिलेगी। इसके लिए प्राथमिकता के रूप में पाइप गैस यानी PNG और CNG पर निर्भर ट्रांसपोर्ट को पहले स्थान पर रखा गया है। सरकार का कहना है कि इन क्षेत्रों की पिछले 6 महीनों की औसत खपत के आधार पर 100% सप्लाई जारी रहेगी।
फैक्ट्रियों को भी मिलेगी गैस
दूसरी प्राथमिकता फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों को दी गई है, जिन्हें पिछले 6 महीनों की खपत का 80% गैस मिलेगा। खाद संयंत्रों को भी सरकारी प्राथमिकता प्राप्त होगी, जिसमें उर्वरक संयंत्रों के लिए 70% गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, कई शहरों में गैस की किल्लत का सायरन अब तक बज रहा है।
कालाबाज़ारी पर सख्त कार्रवाई
सरकारी सूत्रों का कहना है कि LPG की सप्लाई में किसी भी तरह की परेशानी नहीं है। इस बात की भी पुष्टि की गई है कि किसी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटर का गोदाम खाली नहीं है। इसके साथ ही, यदि किसी ने LPG की कालाबाज़ारी की तो उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। यह एक चेतावनी है कि आपूर्ति में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
इस गैस संकट को लेकर भारत सरकार ने कई अहम बैठकें आयोजित की हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने भी इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी से चर्चा की।

