फिरोजाबाद, 07 मार्च (जा)। सिद्ध संत एवं विश्व प्रसिद्ध बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली को कैंची धाम (नैनीताल) की तरह पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी है। शासन-प्रशासन ने इसके प्रयास शुरू कर दिए हैं। विकास कार्य कराने के साथ ही बाबा की जन्मस्थली को अब उनके नाम से जाना जाएगा। इसके लिए सदर ब्लाक की ग्राम पंचायत नागऊ में शामिल गांव अकबरपुर का नाम नीब करौरी धाम करने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे पर्यटकों को यहां तक लाने में आसानी होगी।
टूंडला की नागऊ ग्राम पंचायत में शामिल इस गांव में है बाबा की जन्मस्थली हनुमान जी की अनन्य भक्त बाबा नीब करौरी का जन्म गांव अकबरपुर में वर्ष 1900 में हुआ था। आगरा-फिरोजाबाद हाईवे के किनारे बनी राजा का ताल पुलिस चौकी के पास से अकबरपुर के लिए सीधा रास्ता जाता है, जिसे अब पक्का करा दिया गया है। लगभग डेढ़ किमी अंदर बाबा का पैतृक घर और मंदिर है। वह स्थान भी हैं, जहां बाबा प्रतिदिन बैठकर श्रद्धालुओं से मिलते थे। यहां हर मंगलवार और शनिवार को काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, लेकिन इसे उतनी प्रसिद्धि नहीं मिल पाई जितनी कैंची धाम की है।
शासन-प्रशासन ने पर्यटन विकास की संभावनाओं को देखते हुए अब इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। मंदिर के सृदृणीकरण एवं सुंदरीकरण के साथ ही सड़क, शौचालय, विश्रामस्थल सहित अन्य सुविधाओं के लिए छह करोड़ से अधिक के कार्य कराए जा रहे हैं। अब प्रशासन की पहल पर ग्राम पंचायत ने अकबरपुर का नाम बदलकर नीब करौरी धाम करने का प्रस्ताव डीएम के माध्यम से शासन को भेजा है। ग्राम प्रधान कुसमा देवी ने बताया 15 दिन पूर्व ग्रामसभा की खुली बैठक कर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कराया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इस शासन से स्वीकृति मिल जाएगी।
जिलाधिकारी रमेश रंजन ने कहा कि बाबा नीब करौरी के अनुयायी पूरे विश्व में है। अच्छी बात ये है उनकी जन्मस्थली इस जिले में है, लेकिन अभिलेखों में बाबा के नाम से कुछ नहीं है। ग्राम पंचायत ने अकबरपुर का नाम बाबा नीम करौरी धाम करने का प्रस्ताव पास किया है। हमने इसे शासन को भेज दिया है। इससे बाबा की जन्मस्थली को नई पहचान मिलेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
गत दिवस मंडलायुक्त आगरा नागेंद्र प्रताप ने बाबा की जन्मस्थली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डीएम रमेश रंजन एवं अन्य अधिकारियों से वहां चल रहे कार्यों के साथ ही प्रस्तावित कार्यों की जानकारी ली। इधर गांव में विलेज टूरिज्म पर भी काम शुरू हो गया है। होम स्टे के लिए पांच घरों को तैयार कराकर पंजीकरण कराया गया है। जिससे यहां विदेशी पर्यटक रात में रुक कर भारतीय गांवों का रहन-सहन और खानपान समझ सकेंगे।
बाबा का संक्षिप्त परिचय
बाबा नीम करौरी का जन्म 1900 में हुआ था। उनके बचपन का नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। वह बचपन में ही घर छोड़कर तपस्या करने निकल गए थे। काफी समय तक फर्रुखाबाद के नीब करौरी गांव में रहे। यहीं से उनका ये नाम प्रसिद्ध हो गया। 1964 में उन्होंने कैंची धाम की स्थापना की। स्टीव जाब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसे कई दिग्गज उनके अनुयायी रहे हैं। उनकी तीन संतानें थीं। दोनों बेटों की मृत्यु हो चुकी है। बेटी गिरिजा भटेले आगरा में रहती हैं।
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