लखनऊ 02 मार्च। भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई ने संगठन में रंग भरने के लिए होली के बाद का मुहूर्त निकाला है। हालांकि जिला इकाई के संभावित दावेदारों का नाम दो मार्च सोमवार तक लिफाफे में बंद करने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन कार्यकारिणी 15 मार्च के आसपास घोषित करने के संकेत हैं।
उधर, एक तिहाई पदों पर महिलाओं की दावेदारी सुनिश्चित कर जहां भाजपा ने नारी शक्ति वंदन का संकल्प दिखाने का प्रयास किया है, वहीं लंबे समय से पद की प्रतीक्षा कर रहे चेहरों की चिंता भी बढ़ सकती है। खासकर, बड़े जिलों की टीम में हर विधानसभा का प्रतिनिधित्व देना आसान नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश में वर्ष के 2027 विधान सभा की चुनावी तैयारी में जुटी भाजपा कई समीकरणों को मथकर जिलों की नई टीम बनाएगी। जातीय संतुलन के साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी साधने की बड़ी चुनौती है। पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश, क्षेत्रीय एवं जिला इकाई को लेकर दिल्ली से लखनऊ तक कई बार चर्चा की जा चुकी है।
सभी जिलों में अध्यक्ष समेत 21 लोगों की मुख्य टीम होगी, जिसमें तीन महामंत्री, आठ उपाध्यक्ष, आठ मंत्री एवं एक कोषाध्यक्ष रखे जाएंगे। इसमें से सात महिलाएं होंगी, जबकि दो पद अनुसूचित समाज के लिए तय किया गया है। पहली बार ऐसा हो रहा, जब जिले की सूची क्षेत्रीय टीम के पास न भेजकर सीधे प्रदेश इकाई को भेजी जाएगी। लोकसभा एवं विधानसभा सीटों पर विस्तारक के रूप में बेहतर प्रदर्शन करने वालों एवं सक्रिय निवर्तमान मंडल अध्यक्षों का भी भाग्य चमक सकता है।
पार्टी उनमें से भी कई चेहरों पर दांव लगाने की योजना बना चुकी है। जिला पदाधिकारी बनाने के लिए 30 से 50 वर्ष की उम्र रखी गई है, ऐसे में बड़ी संख्या में दावेदार रेस से बाहर हो जाएंगे। प्रदेश इकाई जिलों में पूरी तरह नई टीम उतारने की पटकथा लिख चुकी है। लंबे समय से कई जिलों में टीमें नहीं बनाई जा सकीं, जबकि इस बीच स्वतंत्रदेव सिंह एवं भूपेंद्र चौधरी के रूप से दो प्रदेश अध्यक्षों ने अपना कार्यकाल पूरा किया।
पार्टी ने पिछले साल 16 मार्च को 70 जिलाध्यक्षों की घोषणा की। दूसरे चरण में 26 नवंबर को 14 और 26 फरवरी को 11 जिलाध्यक्षों की घोषणा की। अब उनकी टीम बनाने पर फोकस किया गया है। जिलों की टीम बनाने के लिए भेजे गए पर्यवेक्षक कोर कमेटी ‘सांसद, विधायक, एमएलसी, महापौर, जिला अध्यक्ष एवं पूर्व जिलाध्यक्ष’ से विमर्श कर हर पद के लिए तीन से पांच नामों की सूची दो लिफाफों में बंदकर प्रदेश इकाई के पास भेजेंगे।
मुख्य टीम के अतिरिक्त 15 विशेष आमंत्रित सदस्य भी नियुक्त किए जाएंगे। जिलाध्यक्ष को मिलाकर कार्यसमिति 91 सदस्यों की होगी। इसमें 30 महिलाओं के लिए पद आरक्षित रहने की बात की गई है। मार्च के अंत तक क्षेत्रीय एवं प्रदेश इकाई गठित करने का लक्ष्य है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि टीम घोषित करने में विलंब करने का कोई कारण नहीं है। दो मार्च तक पर्यवेक्षकों से जिलों की रिपोर्ट मांग ली गई है।

