प्रयागराज 21 फरवरी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सार्वजनिक जनसुरक्षा को सर्वाेपरि मानते हुए महत्वपूर्ण फैसला दिया है कि यदि कोई भवन जर्जर और खतरनाक स्थिति में है तो उसके ध्वस्तीकरण में किरायेदार बाधक नहीं बन सकते। उन्हें भवन खाली करना होगा, व्यक्तिगत अधिकार सार्वजनिक हित के अधिकार पर प्रभावी नहीं होंगे।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में प्रशासन को वैधानिक अधिकारों के तहत तुरंत कार्रवाई करने की छूट है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने मुक्तेश्वर महादेव मुक्तेश्वरी दुर्गा धर्मार्थ सेवा समिति वाराणसी व अन्य की याचिका पर दिया है। वाराणसी के श्मुक्तेश्वर महादेव मुक्तेश्वरी दुर्गा धर्मार्थ सेवा समितिश् की इंग्लिशियालाइन स्थित एक पुरानी इमारत से जुड़ा है वाराणसी नगर निगम ने तीन अगस्त 2021 को भवन को असुरक्षित व खतरनाक घोषित कर ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया था, लेकिन किरायेदारों द्वारा दायर मुकदमों के कारण कार्रवाई टलती रही। 29 अगस्त 2025 को भवन का एक हिस्सा गिरने से जनहानि का गंभीर खतरा पैदा हो गया। इसे लेकर मुक्तेश्वर महादेव मुक्तेश्वरी दुर्गा धर्मार्थ सेवा समिति ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर जर्जर भवन को गिराने की मांग की।
खंडपीठ ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 331 और 334 नगर निगम आयुक्त को खतरनाक भवन गिराने की शक्ति देती है। एक बार भवन असुरक्षित घोषित हो जाए निवासियों को खाली करना अनिवार्य है, अन्यथा पुलिस की मदद ली जा सकती है। अदालत ने यह भी कहा कि किरायेदारी कानून सुरक्षा देता है, पर जनसुरक्षा के सामने उसकी सीमा है। हालांकि, निवासियों को सामान निकालने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने नगर निगम को दो सप्ताह में ध्वस्तीकरण पूरा करने और पुलिस प्रशासन को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
प्रदेश के भीतर गाय का परिवहन अपराध नहीं: हाई कोर्ट
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि गोवध निरोधक कानून के तहत गाय अथवा गोमांस प्रदेश के बाहर ले जाना अपराध है। प्रदेश के भीतर परिवहन करना अपराध नहीं है। कोर्ट ने दुधारू गाय खरीदकर मऊ जिले में ले जाने वाले वाहन को जब्त करने के जिलाधिकारी बलिया के आदेश को अवैध करार देते हुए रद कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति एससी शर्मा की एकलपीठ ने मंजीत कुमार मौर्य की पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।

