प्रयागराज 07 फरवरी। प्रयागराज में नाबालिग लड़कियों के ओवा एक्सट्रैक्शन यानी अंडाणु (एग्स) निकालकर बेचने के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। पुलिस ने रैकेट में शामिल 4 महिलाओं समेत 5 को हिसरात में लिया है। इसमें मां-बेटी, आईवीएफ की एजेंट, महिला और बेटा शामिल है।
इन पर आरोप है कि इन्होंने एक नाबालिग लड़की को अपने जाल में फंसाया। उसे आईफोन और 10 हजार रुपए का लालच दिया। फिर उसे शादीशुदा बताकर इंदिरा IVF सेंटर ले गए। वहां नाबालिग के अंडाणु निकलवा दिए। लड़की की मां ने 6 फरवरी को इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके बाद पुलिस ने पीड़ित की पड़ोसी रिंकी, उसकी बेटी पलक उर्फ जोया, सीमा भारती, हिमांशु भारती और कल्पना भारती को पकड़की पूछताछ शुरू की। इससे पहले जांच में पूरे रैकेट के पीछे एक मुस्लिम महिला की साजिश भी सामने आई थी। पुलिस उसे ट्रेस करते हुए 3 एंगल पर जांच कर रही है।
डीसीपी ने बताया कि प्रयागराज के फाफामऊ एरिया निवासी नाबालिग की मां ने केस दर्ज कराया है. मामले की जांच शुरू की गई तब संगठित गिरोह का पता चला. पीड़िता एक रेस्टोरेंट में काम करती थी.इसी दौरान दो युवतियों ने उसे मोबाइल खरीदने के लिए पैसे दिलाने का झांसा दिया. इसके बाद गिरोह में शामिल कूपर रोड की महिला सीमा और उसके बेटे हिमांशु के माध्यम से शाहगंज निवासी आईवीएफ सेंटर की रजिस्टर्ड एजेंट कल्पना से मिलवाया. कल्पना ने फर्जी कंसेंट एफिडेविट तैयार कराया.
पुलिस ने बताया कि सभी ने मिलकर नाबालिग का फर्जी आधार कार्ड और विवाहिता होने का कूटरचित हलफनामा तैयार कराया. इसी आधार पर इंदिरा IVF सेंटर में गैरकानूनी तरीके से एग (अंडाणु) निकलवाए. इसके एवज में किशोरी को 10 हजार रुपए दिए गए.
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि गिरोह ने अन्य लड़कियों के साथ भी इसी तरह की अवैध प्रक्रिया कराई हो सकती है. पुलिस आईवीएफ सेंटर के रिकॉर्ड खंगाल रही है. अब तक कराए गए मामलों की पड़ताल की जा रही है.
फाफामऊ पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है. मामले में मानव तस्करी, धोखाधड़ी और मेडिकल नियमों के उल्लंघन से जुड़ी धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

