वाराणसी 30 जनवरी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच चल रहा तनाव और विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है. इसकी वजह से शंकराचार्य प्रयागराज छोड़कर काशी आ गए हैं. काशी में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए प्रयागराज में अगला स्नान न करने की भी घोषणा की है. शंकराचार्य ने कहा ‘जो लोग मेरे साथ स्नान करना चाहते हैं, वह काशी आ सकते हैं. 1 तारीख माघ पूर्णिमा के दिन काशी में गौ माता की जयकारों से गंगा स्नान करके अपने संकल्प को पूर्ण करेंगे. इसके साथ ही शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर खुलकर जमकर हमला बोला. कहा, मुख्यमंत्री को 40 दिन का वक्त दे रहे हैं. इस दौरान अपने हिंदू होने का प्रमाण दें. यह अवधि 10 मार्च को पूरी होगा. 11 मार्च को हम यह घोषित करेंगे कि मुख्यमंत्री हिंदू हृदय सम्राट है या फिर नकली हिंदू, जो भगवा पहनकर कालनेमि की शक्ल में लोगों को मूर्ख बना रहे हैं.’
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘अभी तक देश में एक भेद बताया जाता था. देश की राजनीतिक पार्टियों में अंतर है. व्हाट्सएप में यह जानकारी दी जाती थी कि 1966 में जो सरकार थी, वह गौ हत्या बंद नहीं करना चाहती थी. इसलिए गौ भक्तों के ऊपर उन्होंने गोली चलवाई और धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज और उनके संत योगियो को परेशान किया गया. लेकिन अब जब हमने इस गौ माता की हत्या बंदी की आवाज को उठाई तो हमारे सहयोग में खड़े गौ भक्तों को सरकार परेशान कर रही है. सरकार तरह-तरह के अत्याचार कर रही है. उस समय की सरकार और इस वक्त की सरकार में कोई अंतर नहीं है. इसलिए हमें गौ माता की हत्या बंद करने के क्रम में आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ता पूर्वक अपने कदम आगे बढ़ाने पड़ रहे हैं.’
बिना विचलित हुए चलाते रहेंगे आंदोलन
शंकराचार्य ने आगे कहा,’ योगी आदित्यनाथ और उनके सहयोगी रामभद्राचार्य आदि इस समय घेरा बनाकर गौ हत्या की बंदी करने की मांग करने वालों पर तरह-तरह का आक्रमण कर रहे हैं. यह योजना बना रहे हैं और भविष्य में और भी कर सकते हैं. हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि इन सबसे विचलित हुए बिना गौ माता की रक्षा की जो आवाज उठाते रहेंगे. इसको परिणाम तक ले जाने के लिए प्रतिष्ठा आंदोलन चलाते रहेंगे और आगे बढ़ते रहेंगे. इनके (सरकार) द्वारा किए जा रहे जो भी अत्याचार होंगे, उनको सहेंगे, लेकिन हम आगे बढ़ेंगे और वह स्थिति उत्पन्न करेंगे जो देश का जनमानस लंबे वक्त से चाह रही है. गौ माता की हत्या बंद होनी चाहिए और गाय को राष्ट्र माता का दर्जा मिलना चाहिए’.
अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘हमसे प्रमाण मांगा गया, क्या आप शंकराचार्य हैं कि नहीं, 24 घंटे में बताइए. जो व्यक्ति कपड़ा लेकर नहाने गया है, वह 24 घंटे में कैसे बता सकता है कागज के साथ है. हमें 24 घंटे के अंदर बताने को बोला गया और फिर कहा गया क्यों न आपको आजीवन मेले में प्रवेश के प्रतिबंधित किया जाए. जिन शंकराचार्य ने माघ मेला और कुंभ मेला प्राणों की बाजी लगाकर लोगों के लिए उपलब्ध करवाया, एक-एक व्यक्ति का संग्रह करके वहां जाकर लोगों को आकर्षित किया. आज जब लाख करोड़ लोग वहां उनके प्रयासों से पहुंच रहे हैं तो हमारे ही सहयोग से बनी सरकार ऐसा कदम उठा रही है, लेकिन हमने उसका बुरा नहीं माना. हमने 24 घंटे के अंदर उनको शंकराचार्य होने का प्रमाण उपलब्ध करवा दिया, लेकिन अब तक उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी ना ही उसे काटा है. 15 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है. अब तक उसको उन्होंने काटा नहीं है. इसका मतलब यही है वह प्रमाण हमारे सच्चे थे और उनको स्वीकृत करना पड़ा’.
शंकराचार्य ने कहा, ‘आपसे हम आपके हिंदू होने का प्रमाण मांगते हैं. हम चाहते हैं कि 40 दिनों के अंदर यह प्रमाण दें. 40 दिनों के अंदर आप गौ भक्त हिंदू होने का प्रमाण दीजिए. अगर आप प्रमाण नहीं दे पाते हैं तो आप हिंदू असली नहीं नकली होंगे. आप कालनेमि है, पाखंडी ढोंगी है और दिखावे के लिए आप सिर्फ भगवा वस्त्र पहन रहे हैं. आप दिखावे के लिए ही अपने आप को हिंदू कह रहे हैं. राष्ट्र माता का दर्जा गौ माता को मिले, इसको लेकर हमारी लड़ाई केंद्र सरकार से चल रही है. लेकिन यूपी सरकार काम कर रही है और हमारी आवाज को बंद करवाने के लिए पुलिस लाठियां चला रही हैं. हमारे ऊपर और फिर भी आप पुलिस को एक शब्द भी नहीं बोलते हैं इससे यह स्पष्ट है कि पुलिस को आपके निर्देश मिले थे और आप शाबाशी भी दे रहे हैं.’
शंकराचार्य ने कहा, ‘योगी आदित्यनाथ से मेरी मांग है कि आप 40 दिन के अंदर गौ माता को राज्य माता घोषित कीजिए. आप राज्य के मुखिया हैं. जब महाराष्ट्र गौ माता को राज्य माता घोषित कर सकता है तो यूपी गौ माता को राज्य माता क्यों नहीं घोषित कर सकता है? इसलिए गौ माता को राज्य माता घोषित करना होगा. जिस जगह पर आपके गुरु गोरखनाथ जी महाराज नेपाल में गए, वहां पर गौ माता को राष्ट्र माता कहा जाता है. आप हिंदू कहलाना चाहते हैं लेकिन नेपाल का इतिहास देख लीजिए. वह विदेश है, लेकिन गौ माता वहां सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करती है. गौ माता को मारने वाले को वहां मृत्यु दंड दिया जाता है. वहां से सीखना होगा. आपको महाराष्ट्र के एकनाथ शिंदे से सीखिए और गौ माता को राज्य माता घोषित कीजिए, जब देश में होगा, तब देखा जाएगा, लेकिन आपके उत्तर प्रदेश राज्य से जिसके मुखिया आप हैं.’

