लखनऊ 24 जनवरी। निवेशकों का अरबों रुपये हड़पने वाले रोहतास ग्रुप की 350 करोड़ रुपये कीमत की 77 चल-अचल संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को जब्त कर लिया। इन संपत्तियों को 158.85 करोड़ रुपये में रोहतास ग्रुप के संचालक दीपक रस्तोगी और सहयोगी कंपनियों के नाम पर खरीदा गया था, जिनका मौजूदा बाजार मूल्य 350 करोड़ रुपये से अधिक है। ईडी इससे पहले भी रोहतास ग्रुप की 110 करोड़ रुपये कीमत की 68 संपत्तियों को जब्त कर चुका है।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को जब्त की गईं 141.21 करोड़ रुपये की संपत्तियां रोहतास ग्रुप ऑफ कंपनीज के प्रमोटर दीपक रस्तोगी और सहयोगी कंपनी वर्धन टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड, अध्याय रियल्टी इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी और कुछ बेनामीदारों के नाम पर पंजीकृत हैं। वहीं 17.64 करोड़ रुपये की हाईनेस इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं। सभी अचल संपत्तियां लखनऊ में स्थित हैं।
ईडी ने लोगों के साथ धोखाधड़ी के मामले में रोहतास समूह के विरुद्ध वर्ष 2021-22 में दर्ज की गई 83 एफआइआर के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी। रोहतास समूह के प्रमोटर दीपक रस्तोगी ने 30 माह में फ्लैट उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये एकत्र किए थे। साथ ही उन्हें भरोसा दिया था कि अगर 30 माह में फ्लैट का आवंटन नहीं किया गया तो लोगों को जमा की गई राशि का 150 प्रतिशत वापस किया जाएगा। इसी भरोसे पर सैकड़ों लोगों ने रोहतास समूह की सुलतानपुर रोड, रायबरेली रोड और रोहतास प्लूमेरिया टाउनशिप में फ्लैट बुक कराए थे। रोहतास के प्रमोटर टाउनशिप विकसित किए बिना ही लोगों के करोड़ों रुपये डकार कर फरार हो गए थे।
ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि फ्लैट खरीदारों से एकत्र धन को रोहतास के प्रमोटरों ने सहयोगी कंपनियों और बेनामी व्यक्तियों के नाम पर भूमि खरीदने में खर्च किया था। प्रमोटरों ने स्वामित्व छिपाने के लिए वर्धन टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड भूमि को हस्तांतरित कर दी थी, जबकि कुछ बेनामी भूमि अध्याये रियल्टी इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी को स्थानांतरित की गई थी।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि कुछ भूखंड बाद में दीपक रस्तोगी ने बेनामी व्यक्तियों से खरीदे थे और इन्हे बैंकों में गिरवी रखकर ऋण लिया था। ईडी अधिकारियों ने बताया कि पहली अक्टूबर 2025 में इसी मामले में 110.05 करोड़ मूल्य की 68 अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। शुक्रवार को जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है उनमें लखनऊ में स्थित 141.21 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियां भी शामिल हैं।

