चाईबासा 22 जनवरी। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच जारी मुठभेड़ में बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षा बलों ने इस ऑपरेशन में एक करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात माओवादी नेता अनल दा उर्फ पतिराम मांझी को ढेर कर दिया। अनल भाकपा (माओवादी) संगठन का सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) था और लंबे समय से सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।
घटना छोटानगरा पुलिस थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। सुरक्षा बलों द्वारा इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और अतिरिक्त बलों को मौके पर भेजा गया है। इतनी बड़ी संख्या में माओवादी एक साथ कभी झारखंड में नहीं मारे गए थे। यह पुलिस की बड़ी सफलता है।
अनल दस्ते की सीधी मुठभेड़ कोबरा-209 बटालियन से हुई। इसमें 16 माओवादी मारे गए हैं। सारंडा में माओवादियों से निर्णायक लड़ाई चल रही थी। इस ऑपरेशन के बाद झारखंड में बड़े कद के माओवादी न के बराबर बचे हैं।
यह कार्रवाई झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में छोटानागरा थाना अंतर्गत कुंभडीह गांव के पास हुई. सुरक्षा बलों को सटीक खुफिया सूचना मिली थी कि अनल दा का दस्ता बड़ी घटना की साजिश रच रहा है. इसके आधार पर कोबरा, जगुआर और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की. सुबह से शुरू हुई मुठभेड़ में जबरदस्त गोलीबारी हुई. एनकाउंटर के बाद चलाए गए सर्च अभियान में भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं, जिनमें एके-47, इंसास राइफल, एसएलआर और सैकड़ों कारतूस शामिल हैं. ग्रामीणों की मदद से शवों की पहचान की जा रही है.
अनल दा झारखंड के गिरिडीह जिले का निवासी था और वर्षों से सारंडा के घने जंगलों में छिपा हुआ था. वह भाकपा (माओवादी) की झारखंड-बिहार स्पेशल एरिया कमेटी से जुड़ा था और संगठन की कमान संभाल रहा था. उसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम था. इस एनकाउंटर के बाद झारखंड में अब मात्र दो एक करोड़ के इनामी नक्सली बचे हैं. सुरक्षा बलों का कहना है कि यह नक्सलवाद विरोधी अभियान की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है, क्योंकि अनल दा जैसे टॉप लीडर का खात्मा संगठन की कमर तोड़ने वाला कदम साबित होगा.

