मथुरा 17 जनवरी। उत्तर प्रदेश सरकार आगामी 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर पूरे राज्य में ‘लाइट्स ऑफ-अलर्ट ऑन’ मॉक ड्रिल आयोजित करने जा रही है. प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ होने वाले इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों और आपदा प्रबंधन के प्रति नागरिकों को जागरूक करना है.
इसे लेकर मथुरा कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं नागरिक सुरक्षा नियंत्रक सीपी सिंह की अध्यक्षता में सभी संबंधित विभागों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों, विशेषकर हवाई हमलों या युद्ध जैसी आपदाओं में विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और नागरिकों को आत्मरक्षा के तरीकों से अवगत कराना बताया गया। प्रशासन ने साफ किया कि यह मॉक ड्रिल डर फैलाने के लिए नहीं, बल्कि जनता को सजग, प्रशिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए है।
मथुरा में इस अभ्यास का मुख्य केंद्र रिफाइनरी परिसर रखा गया है। कार्यक्रम के दौरान सायरन बजाकर ‘ब्लैक आउट’ का संकेत दिया जाएगा और तत्काल बिजली आपूर्ति रोक दी जाएगी। नागरिकों को सिखाया जाएगा कि किस तरह सुरक्षित स्थानों पर शरण लेना है। इसके अलावा, नागरिक सुरक्षा संगठन के स्वयंसेवक गली-मोहल्लों में सक्रिय रहकर लोगों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देंगे।
अभ्यास के दौरान अग्निशमन विभाग द्वारा आग पर नियंत्रण पाने के आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) का अभ्यास करेंगी। पुलिस, बिजली विभाग और नगर निकायों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे आपसी तालमेल के साथ अपनी जिम्मेदारियों का पालन करें।
मुख्य सचिव और नागरिक सुरक्षा महानिदेशक ध्रुव कांत ठाकुर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि यह अभ्यास केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि जनसुरक्षा की वास्तविक परीक्षा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस अभ्यास में पूरी तरह सहयोग करें और इसे गंभीरता से लें, ताकि संकट की स्थिति में जान-माल का नुकसान न्यूनतम किया जा सके।
प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे आपातकालीन स्थिति के लिए टॉर्च, पानी और प्राथमिक चिकित्सा किट तैयार रखें, ताकि किसी भी अप्रत्याशित चुनौती का सामना मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार होकर किया जा सके।

