भारतीय नागरिकों की वापसी की तैयारी
नई दिल्ली, 16 जनवरी। ईरान में जारी राजनीतिक उथल-पुथल और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनकी वापसी की व्यवस्था शुरू कर दी है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि ईरान की बदलती स्थिति को देखते हुए उन भारतीय नागरिकों की वापसी की तैयारी की जा रही है जो वापस लौटना चाहते हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल और अन्य मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में दो से तीन हजार प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,000 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए हैं। ईरान में अनुमानित 8,000 से 10,000 भारतीय नागरिक रहते हैं। इनमें करीब 3,000 मेडिकल छात्र, 4,000 अन्य छात्र, 2,000 मछुआरे और अन्य व्यापारी, पर्यटक व शिया तीर्थयात्री शामिल हैं।
वहीं, भारतीय नागरिकों को इजरायल की भी गैरजरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। विदेश मंत्री डा. जयंशकर ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को आश्वासन दिया कि विदेश मंत्रालय ईरान की स्थिति पर नजर रखे है। कहा कि सुरक्षित घर वापसी के लिए छात्रों तथा अन्य लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
एअर इंडिया और इंडिगो ने गुरुवार को अपनी कुछ विदेशी उड़ानें रद कर दीं क्योंकि अचानक ईरानी हवाई क्षेत्र बंद होने से सेवाओं पर असर पड़ा है। एअर इंडिया की अमेरिका व यूरोप की उड़ानें और इंडिगो की सीआइएस देशों, यूरोप व तुर्किये की सेवाओं पर असर पड़ा है।
